गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सीबीआई और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच जारी गतिरोध को बताया संघीय ढांचे के लिए खतरा, लोकसभा में गृह मंत्री ने कहा, पश्चिम बंगाल में हुई घटनाएं संवैधानिक ख़तरे की स्थिति का हैं संकेत| पश्चिम बंगाल में सीबीआई और कोलकाता पुलिस के बीच गतिरोध के मामले में केंद्र सरकार हालात पर नजर बनाए हुए हैं । केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि सीबीआई के अधिकारियों को सारदा घोटाले में जांच से कोलकाता पुलिस द्वारा रोका जाना अभूतपूर्व है और यह देश के संघीय राजनीतिक ढांचे पर खतरा है। सरकार का कहना है गतिरोध की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है और रविवार का घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में संवैधानिक व्यवस्थाओं के टूटने की ओर इशारा करता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार से इस मामले में सहयोग की उम्मीद जताते हुए यह भी कहा कि केंद्र को राज्यों में स्थिति सामान्य बनाये रखने के लिए कार्रवाई करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सारदा घोटाले में पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल के लाखों गरीबों को गाढ़ी कमाई से हाथ धोना पड़ा। राजनाथ सिंह ने कहा कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त इस मामले में जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए सीबीआई अधिकारियों को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि टीएमसी ने पूछताछ पर सवाल उठाए ।राज्यसभा में भी टीएमस के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल भी नहीं हो पाए। सभापति ने हंगामे पर चिंता जतायी और सदस्यों से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का अनुरोध किया । गौरतलब है कि सीबीआई के अधिकारी रविवार को चिटफंड घोटाला मामले में पूछताछ करने के लिए कोलकाता पुलिस प्रमुख राजीव कुमार के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंचे थे। लेकिन कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के अधिकारियों को रोका और उन्हें थाने ले जाया गया। सीबीआई राजीव कुमार से इस मामले में कुछ पूछताछ करना चाहती थी । आरोप है कि राजीव कुमार ने इस मामले की जांच की गति धीमी की, और सूबतों से छेड़छाड़ की । सीबीआई 2014 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच कर रही है । मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मामले को लेकर रविवार रात से कोलकाता में धरने पर बैठी हुई हैं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को राज्य के मौजूदा हालात से अवगत कराया है । गृहमंत्रालय ने राज्य से उऩ पुलिस अधिकारियों के बारे में रिपोर्ट मांगी है जिन्होंने केंद्रीय सेवा नियमावली का उल्लंघन करते हुए सीबीआई के काम में बाधा डाली ।