पंजाब

राज्य के आर्थिक तौर पर कमज़ोर नौजवानों को मुहैया करवाए गए 491.26 लाख के कजऱ्े: साधु सिंह धर्मसोत

चंडीगढ़ – पंजाब के आर्थिक तौर पर कमज़ोर नौजवानों को स्व-रोजग़ार शुरू करने के लिए 491.26 लाख के कजऱ् मुहैया करवाए गए हैं। यह कजऱ्े 289 नौजवानों को कम ब्याज दरों पर मुहैया करवाए गए हैं।पंजाब के सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब पिछड़ी जाति, भूमि विकास और वित्त निगम द्वारा वर्ष 2020-2021 के दौरान पिछड़ी जाति के 751 नौजवानों को 1127.75 लाख के कजऱ्े बाँटने का लक्ष्य निश्चित किया गया था। उन्होंने बताया कि अब तक 279 नौजवानों को 474.46 लाख के कजऱ्े कम ब्याज दरों पर मुहैया करवाए जा चुके हैं और बाकी बचे नौजवानों को कजऱ् मुहैया करवाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि राज्य के आर्थिक तौर पर कमज़ोर 10 नौजवानों को 16.80 लाख रुपए के कजऱ्े कम ब्याज दरों पर स्व-रोजग़ार के लिए मुहैया करवाए गए हैं।सामाजिक न्याय मंत्री ने बताया कि मौजूदा पंजाब सरकार ने पिछले लगभग 4 सालों के समय के दौरान राज्य के 1459 गऱीब पिछड़ी जाति, अल्पसंख्यक वर्ग और आर्थिक तौर पर कमज़ोर वर्ग के नौजवानों को 2436.74 लाख रुपए के कजऱ्े मुहैया करवाए जा चुके हैं। जिनको प्राप्त करके वह अपना स्व-रोजग़ार शुरू कर चुके हैं और अपना जीवन निर्वाह कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार ने लोगों की सुविधा को मुख्य रखते हुए कजऱ् मामलों के जल्द निपटारे के लिए जि़ला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी में भी संशोधन किया है।स. धर्मसोत ने बताया कि बी.सी. निगम का मुख्य मंतव्य पिछड़ी जाति के लोगों को कम ब्याज दरों पर स्व-रोजग़ार धंधे जैसे: डेयरी फॉर्म, किराना दुकान, शटरिंग का काम, लकड़ी का व्यापार और उच्च शिक्षा के लिए कजऱ् मुहैया करवाना है, जिससे इनके आर्थिक स्तर को ऊँचा उठाया जा सके और इनको गऱीबी से बाहर निकाला जा सके।

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