पंजाब

लिंग निर्धारण टैस्ट करने वाले 60 दोषियों को गिरफतार करके 14 मशीनें की सील-बलबीर सिंह सिद्धू

नई रजिस्ट्रेशन के लिए गर्भवती महिलाओं के पास अल्ट्रासाउंड करवाते समय माँ और बच्चा सुरक्षा कार्ड होना किया जायेगा अनिवार्य
ऑनलाईन प्रक्रिया द्वारा अल्ट्रासाउंड केन्द्रों की निगरानी होगी आसान
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार ने लिंग निर्धारण टैस्ट करने वाले स्कैनिंग केन्द्रों के मुकम्मल ख़ात्मे के लिए गंभीरता से कार्यवाही करते हुए 60 दोषियों को गिरफतार करके स्कैनिंग करने वाली 14 मशीनें सील की हैं जिससे भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुरायी को ख़त्म करके लिंग-अनुपात के संतुलन में सकारात्मक सुधार किये जा सकें। इस बात का खुलासा आज यहाँ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री पंजाब श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने एक प्रैस बयान के द्वारा किया। श्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि पंजाब सरकार राज्य में भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुरायी के जड़ से ख़ात्मे के लिए पूरी तरह गंंभीर है जिसके लिए राज्य के सभी जिलों में पी.सी. एंड पी.एन.डी.टी. एक्ट का उल्लंघन करने वाले स्कैनिंग केन्द्रों पर सख़्त कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि नवंबर, 2018 से जून, 2019 तक दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए 18 एफ.आई.आर. दर्ज करके 60 दोषियों को गिरफतार किया गया है जबकि 14 अल्ट्रासाउंड मशीनें सील की गई हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने इस माफिया के मुकम्मल ख़ात्मे के लिए व्यापक स्तर पर रूप-रेखा तैयार की है जिसके अधीन इस सामाजिक बुरायी के साथ जुड़े लिंग निर्धारण टैस्ट करने वाले स्कैनिंग केन्द्रों और डॉक्टरों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की गई है।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पी.सी. एंड पी.एन.डी.टी. एक्ट का उल्लंघन करने वाले केन्द्रों पर सख़्त कार्यवाही करने के लिए एक खुफिया एजेंसी के साथ समझौता भी किया गया है जिसके द्वारा अब तक 19 स्टींग ऑपरेशन किये गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मुहिम में और तेज़ी लाने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से लिंग निधारण टैस्ट करने वाले केन्द्रों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए पी.सी. एंड पी.एन.डी.टी. एक्ट दर्ज होने पर फज़री मरीज़ को 1 लाख रुपए और सूचना देने वाले को 50,000 रुपए की ईनामी राशि देने का ऐलान किया गया है। जिसके उपरांत स्कैनिंग केन्द्रों की कारगुज़ारी में काफ़ी हद तक सुधार हुआ है परन्तु अभी भी इस माफिया के साथ जुड़े लोगों के विरुद्ध सख्ती से कार्यवाही करने की ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि जि़ला परिवार कल्याण अफसरों को विशेष हिदायतें जारी की गई हैं कि लिंग निर्धारण टैस्ट करने सम्बन्धी किसी भी तरह की सूचना पर तुरंत कार्यवाही की जाये। स. बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि राज्य में लिंग-अनुपात दर को सुधारने के लिए यह ज़रूरी है कि नयी रजिस्ट्रेशन के लिए गर्भवती महिला चाहे वह प्राइवेट केंद्र में अल्ट्रासाउंड करवाए या फिर सरकारी में, उसकी रजिस्ट्रेशन सरकारी हस्पताल में की जाये अर्थात उसके पास अल्ट्रासाउंड करवाते समय माँ और बच्चा सुरक्षा कार्ड (टीकाकरण कार्ड) हो, जिसको जल्द शुरू किया जायेगा। इस प्रक्रिया से रजिस्ट्रेशन होने के बाद ही गर्भवती महिला प्राइवेट या सरकारी स्कैनिंग केंद्र में अपना अल्ट्रासाउंड का टैस्ट करवा सकेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से गर्भवती महिलाओं से सम्बन्धित सही आंकड़े सरकार के पास उपलब्ध हो सकेंगे और लिंग अनुपात दर में सुधार करने की मुहिम के साथ-साथ अन्य कल्याण स्कीमों को लाभपात्री तक पहुँचाने में भी मदद मिलेगी।स्वास्थ्य मंत्री ने ऑनलाईन प्रक्रिया की महत्ता बारे जानकारी देते हुए बताया कि गर्भवती महिलाओं से सम्बन्धित सही जानकारी होने से जहाँ स्कैनिंग केन्द्रों की निगरानी आसान होगी वहीं इन महिलाओं की रजिस्ट्रेशन भी ऑनलाईन हो सकेगी। उन्होंने आगे बताया कि पी.सी. एंड पी.एन.डी.टी. एक्ट का उल्लंघन करने वाले सील हुए स्कैनिंग केन्द्रों के साथ दोषियों सम्बन्धी जानकारी भी ऑनलाईन उपलब्ध हो सकेगी।

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