पंजाब

फूड सप्लाई विभाग में भ्रष्ट गतिविधियों के लिए कोई माफी नहीं – आशू

अनाज वितरण में हेराफेरी के लिए 4 निलंबित
चंडीगढ़ – फूड सप्लाई विभाग के सहायक खाद्य आपूर्ती अधिकारी और तीन इंस्पैक्टरों को तुरंत निलंबित करने के हुक्म देते हुए पंजाब के खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामलों के मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है।उन्होंने कहा कि खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग आर्थिक तौर पर कमज़ोर परिवारों को अनाज का वितरण करता है। गरीबों को वितरित किये जाने वाले अनाज में किसी भी किस्म की चोरी या हेरा-फेरी को नजरअन्दाज नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा काम सिफऱ् ड्यूटी में कोताही नहीं, बल्कि घोर अनैतिकता है।श्री आशु ने बताया कि गुरदासपुर में तैनात सुमित कुमार, होशियारपुर में जगतार सिंह, लुधियाना में खाद्य और सिविल सप्लाई इंस्पेक्टर के तौर पर तैनात खुशवंत सिंह और लुधियाना के सहायक खाद्य आपूर्ती अधिकारी (ए.एफ.एस.ओ.) जसविन्दर सिंह को अनाज के वितरण में बड़ी हेरा-फेरी पाए जाने पर निलंबित किया गया है।सिस्टम में और ज्य़ादा निष्पक्षता लाने के लिए की गई पहलकदमियों बारे जानकारी देते हुए भारत भूषण आशु ने बताया कि सार्वजनिक वितरण ऑपरेशनों के पूरी तरह कम्प्यूट्राइजेशन करने से रियल टाईम मॉनीटरिंग सिस्टम की सुविधा दी गई है जिसको द्गश्चशह्य.श्चह्वठ्ठद्भड्डड्ढ.द्दश1.द्बठ्ठ पोर्टल पर देखा जा सकता है। इसके अलावा इलैक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पी.ओ.एस.) उपकरणों के ज़रिये अनाज का वितरण किया जाता है जिनसे लाभपात्रियों की पहचान बायोमैट्रिक और आइरिस स्कैनजऱ् द्वारा की जाती है। असली लाभपात्रियों को लाभ मिलना यकीनी बनाने के लिए इन सभी डाटाबेस को आधार नंबरों के साथ जोड़ा गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राशन डीपूओं (एफ.पी.एस.) पर गेहूँ का वितरण 30 किलोग्राम की स्टैंडर्ड/सील बंद बोरियों में किया जाता है और यह दुकानें अब भार तोलने वाली इलेक्ट्रानिक मशीनों से लैस हैं। इसके साथ ही अनाज का वितरण सरकारी अधिकारी और स्थानीय स्तर्कता समितियों की मौजुदगी में किया जाता है। सोशल ऑडिट के मंतव्य और लाभपात्रियों को उपयुक्त अनाज का वितरण यकीनी बनाने के लिए सरकार द्वारा राशन डीपू /गाँव, ब्लॉक और जि़ला स्तर पर स्तर्कता समितियाँ गठित की गई हैं और साथ ही शिकायत निवारण करने वाली प्रणाली की सुविधा भी दी गई है।उन्होंने कहा कि ऐसी पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली सरकार के सिस्टम में निरपक्षता लाने के इरादे को दर्शाती है और इससे दोषियों पर नकेल कसने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग के समूह अधिकारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत बाँटे जाने वाले अनाज की ‘उचित मात्रा और मानक’ को यकीनी बनाने के आदेश दिए गए हैं और इस मामले में किसी भी तरह का उल्लंघन या लापरवाही के साथ सख़्ती से निपटा जायेगा।

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