पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एस.ए.एस. नगर के किसान ले सकेंगे लाभ
चंडीगढ़ – पंजाब सरकार द्वारा राज्य के कंडी क्षेत्र से सम्बन्धित किसानों को खेतों के इर्द-गिर्द कँटीली तार लगाने के लिए 50 प्रतिशत की वित्तीय सहायता दी जायेगी ताकि किसान जंगली जानवरों से अपने खेतों /फसलों की सुरक्षा कर सकें।पंजाब के वन मंत्री स. साधु सिंह धर्मसोत ने यह खुलासा करते हुए बताया कि राज्य के कंडी क्षेत्र में एक पायलट प्रोजैक्ट चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सम्बन्धित क्षेत्र के किसान अपने खेतों में कँटीली तार लगाने के लिए 50 प्रतिशत तक की वित्तीय सहायता का लाभ लेने के हकदार होंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एस.ए.एस. नगर आदि जिलों के कंडी क्षेत्र अधीन आते किसान वित्तीय सहायता हासिल कर सकते हैं।वन मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसानों द्वारा बल्लियों के द्वारा और एंगल ऑयरन/सीमेंट फैंन्स पोस्ट के द्वारा दो तरह से तारबन्दी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि बल्लियों के द्वारा तारबन्दी करने पर किसानों को 125 रुपए प्रति रनिंग मीटर और एंगल आयरन /सीमेंट फैंन्स पोस्ट के द्वारा तारबन्दी करने पर 175 रुपए प्रति रनिंग मीटर के हिसाब से वित्तीय सहायता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसानों द्वारा अपने खर्च पर पहले से की गई तारबन्दी करने के उपरांत वित्तीय सहायता लाभार्थीयों के खातों में डी.बी.टी. /चैक के द्वारा देने की व्यवस्था की गई है।स. धर्मसोत ने बताया कि राज्य के कंडी क्षेत्र में कुदरती वन बड़ी तादाद में हैं और यहाँ कुदरती तौर पर जंगली जानवरों की भी बहुतायत है। उन्होंने बताया कि इन जंगलों में हिरण, जंगली सूअर, नील गाय और बंदर आदि हैं। ये जानवर अपनी ख़ुराक के लिए कई बार किसानों के खेतों में फसलों का नुक्सान कर देते हैं। उन्होंने कहा कि इस नुक्सान से किसानों और जंगली जानवरों के बीच तनाव बना रहता है। उन्होंने बताया कि इस तनाव को घटाना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।वन मंत्री ने आगे बताया कि इस स्कीम के अंतर्गत मार्च, 2019 तक पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और एस.ए.एस. नगर आदि जिलों में लगभग 1280 लाभार्थीयों को 8.13 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई जा चुकी है।