संगरूर और अमृतसर में क्रमवार 419 और 319 खुले बोरवैल्ल बंद किये
चंडीगढ़ – राजय में खुले बोरवैल्लों को बंद करने सम्बन्धी विभिन्न क्षेत्रीय विभागों की सहायता लेने की प्रक्रिया और ज्य़ादा सफल रही है जिसके चलते राज्य में 2309 खुले बोरवैल्ल सफलतापूर्वक बंद किये गए हैं। यह जानकारी तंदुरुस्त पंजाब मिशन के मिशन डायरैक्टर स. के.एस. पन्नू ने दी। स. पन्नू ने बताया कि अब तक मिली रिपोर्टों के मुताबिक पहचान किये 2333 खुले बोरवैल्लों में से 2309 को बंद कर दिया गया है। इन खुले बोरवैल्लों में से जिला प्रशासन द्वारा कृषि विभाग की सहायता से 1397, ट्यूबवैल कार्पोरेशन द्वारा 553 और सिंचाई विभाग द्वारा 359 बोरवैल्लों की पहचान की गई है। जि़लेवार रिपोर्टों के अनुसार संगरूर में 419, अमृतसर में 319, बठिंडा में 131, एस.ए.एस. नगर में 123 और मानसा में 110 खुले बोरवैल्ल बंद किये गए हैं। अब तक किये गए काम के प्रति तसल्ली ज़ाहिर करते हुये स. पन्नू ने कहा कि विभिन्न विभागों के फील्ड स्टाफ के सहयोग से कुछ दिनों के अंदर ही 2,000 से ज़्यादा खुले बोरवैल्ल सफलतापूर्वक बंद किये गए हैं, जोकि प्रत्येक द्वारा किये गए ठोस यत्नों का नीतजा है। उन्होंने कहा कि काम यहीं ख़त्म नहीं हुआ, ‘हमारे द्वारा ऐसे खुले पड़े बोरवैल्लों की पहचान जारी है, जिनको जल्द से जल्द बंद किया जायेगा। जि़क्रयोग्य है कि 13 जून को तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत सभी डिप्टी कमिश्नरों को खुले पड़े बोरवैल्लों का बंद होना यकीनी बनाने के लिए पत्र लिखा गया था। जो व्यक्ति ऐसे बोरवैल्ल 1 महीनो के समय के अंदर बंद नहीं करता, उसके विरुद्ध अपराधिक कार्यवाही करने सम्बन्धी प्रस्तावना भी की गई थी। ऐसे खुले पड़े बोरवैल्लों में किसी भी तरह की दुर्घटना होने की सूरत में इंडियन पैनल कोड की विभिन्न धाराओंं के अंतर्गत ज़मीन के मालिक के विरुद्ध एफ.आई.आर. दर्ज करवा के जुर्माना करवाया जा सकता है। इसके साथ ही सूचना की जांच के बाद सूचना देने वाले को 5000 रुपए का इनाम भी दिया जायेगा।