चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अनाज के भंडारण के लिए ढकी हुई जगह की भारी कमी से निपटने के लिए राज्य में वैज्ञानिक रास्ते पर अनाज के भंडारण के लिए 20 लाख मीट्रिक टन के सामथ्र्य के ढके गोदामों के निर्माण की आज्ञा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज़रूरी हस्तक्षेप की माँग की है। प्रधानमंत्री को लिखे गए एक पत्र में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उनसे अपील की है कि वह भारत सरकार /एफ़.सी.आई की 7 वर्षीय गारंटी के तहत 20 लाख मीट्रिक टन सामथ्र्य के ढके हुए गोदामों के निर्माण की आज्ञा देने के लिए भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय को निर्देश दें।मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि पिछले कुछ सीजनों के दौरान अथाह फ़सल होने के कारण पंजाब से अनाज उठाने की गति बहुत धीमी रही है। इसी कारण ढके हुए स्टोरेज की जगह की बहुत ज़्यादा कमी पैदा हो गई है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में से 280 लाख मीट्रिक टन में से 100 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ इस समय पर खुले में स्टोर किया हुया है। उन्होंने कहा कि ग़ैर मौसमी बारिश के कारण इस साल स्थिति बहुत गंभीर बनी रही जिसके नतीजे की वजह से ढील दी गई स्पैसीफिकेशनों ( यू.आर.एस) के आधार पर गेहूँ की विशेष मात्रा की खरीद की गई।हालांकि एफ़.सी.आई ने राज्य में रेलवे पटड़ी के पास 21 लाख मीट्रिक टन की क्षमता के अतिरिक्त सायलो के निर्माण की मंजूरी दे दी है। इनके निर्माण के लिए 4-5 साल या इससे अधिक का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि स्टोरेज की उचित जगह की कमी के परिणामस्वरूप राज्य की खरीद एजेंसियों को आगामी सीजन के दौरान उचित स्थानों पर गेहूँ का भंडारण करना पड़ेगा। इससे गेहूँ के स्टॉक को नुक्सान होगा। उन्होंने इस नुक्सान को राष्ट्रीय नुक्सान बताया।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार ने भारत सरकार के खाद्य मंत्रालय को भारत सरकार /एफ.सी.आई की गारंटी के तहत ढके हुए गोदामों के निर्माण की आज्ञा देने के लिए विनती की है परन्तु मंत्रालय के पास से औपचारिक मंजूरी का अभी इन्तज़ार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक रास्ते पर गोदाम के निर्माण के लिए आम तौर पर तकरीबन 10 महीने लगते हैं और अगले रबी 2020 -21 का सीजन शुरू होने के लिए अब सिफऱ् 10 महीने ही बचे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी रबी सीजन तक वैज्ञानिक रास्ते पर भंडारण की उचित जगह की उपलब्धता यकीनी बनाने के लिए राज्य सरकार सख्त जद्दो -जहद कर रही है। उन्होंने इस अहम मामले के निपटारे के लिए प्रधानमंत्री के ज़रूरी हस्तक्षेप की माँग की है।