चंडीगढ़ – पंजाब सरकार द्वारा राज्य में व्यापार को और आसान बनाने के मंतव्य से सैंट्रेलाईजड़ इंस्पैक्शन सिस्टम (सी.आई.एस.) लागू किया गया है, जिससे व्यापार करने के इच्छुक उद्योगपतियों को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से सेवाएं दी जा सकें।पंजाब के उद्योग और वाणिज्य मंत्री श्री सुंदर शाम अरोड़ा ने यह प्रगटावा करते हुए कहा कि व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने सैंट्रेलाईजड़ इंस्पैक्शन सिस्टम (सी.आई.एस.) नोटीफायी किया है, जिसके अंतर्गत श्रम विभाग, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और बोआइलर इकाईयों का मुआइना एकसारता में करेंगे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा इकाईयों का मुआइना एक ही दिन किया जायेगा और इसकी एडवांस सूचना सम्बन्धित संस्थाओं को उपलब्ध होगी और मुआइना रिपोर्ट को 48 घंटों में ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना लाजि़मी किया गया है। उन्होंने बताया कि इकाईयों का मुआइना ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई गई चैक लिस्ट तक ही सीमित होगा। उन्होंने बताया कि अचानक जांच करने के लिए सम्बन्धित विभाग के प्रमुख से पहले ही मंज़ूरी लेना लाजि़मी होगा। इस सम्बन्धी पोर्टल www.pbinspections.gov.in सैंट्रेलाईजड़ इंस्पैक्शन सिस्टम (सी.आई.एस.) द्वारा बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सी.आई.एस. के क्रियान्वयन के लिए श्रम विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है और राज्य में इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है।
श्री अरोड़ा ने और विवरण देते हुए बताया कि राज्य में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पहले ही उद्योगपतियों को बिना किसी दिक्कत से उद्योग लाने के लिए सिंगल विंडो प्रणाली के द्वारा मंजूरी की सुविधा दे रही है, जबकि अब नयी पहलकदमी करते हुए सैंट्रेलाईजड़ इंस्पैक्शन सिस्टम (सी.आई.एस.) को लागू किया जा रहा है।
श्री अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष सिंगल विंडो प्रणाली लागू करते हुए ‘इनवैस्ट पंजाब बिजऩेस फस्र्ट पोर्टल’ की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के द्वारा राज्य में व्यापार करने के चाहवानों को वित्तीय मुआवज़े और विभिन्न रेगुलेट्री सेवाएं समयबद्ध और पारदर्शी तरीकों से ऑनलाइन मुहैया करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय उद्योग और व्यापार विकास नीति 2017 के अंतर्गत इस पोर्टल के अधीन 12 विभागों की रेगुलेट्री क्लीयरेंस और 34 वित्तीय राहत स्कीमें मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि अब पंजाब के उद्योग संबंधित विभाग की जटिल जांच प्रक्रिया से मुक्त हो जाएंगे। उन्होंने सैंट्रेलाईजड़ इंस्पैक्शन सिस्टम (सी.आई.एस.) को और प्रभावशाली बनाने के लिए उद्योग / औद्योगिक संस्थाओं को अपने फीडबैक /सुझाव भेजने की अपील भी की।