पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा सिख विरासती इमारत की तोड़-फोड़ की जांच के लिए पाकिस्तान को कहने के लिए मोदी से अपील

अगर केंद्र अनुमति लेकर दे तो पंजाब इमारत का पुन: निर्माण करने के लिए तैयार
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नारोवाल में सदियों पुराने गुरू नानक पैलेस की तोड़-फोड़ की जांच करवाने के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव डालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर इसके लिए केंद्र सरकार पाकिस्तान से अनुमति लेकर दे तो उनकी सरकार इस इमारत के पुन: निर्माण के लिए तैयार है। पाकिस्तान के पंजाब में सिख विरासती जायदाद की तोड़-फोड़ की तरफ मोदी का ध्यान दिलाते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मोदी को लिखे एक पत्र में विनती की है कि वह इस जायदाद की तोड़-फोड़ सम्बन्धी जांच करवाने का मामला पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाएं और इस दुर्भाग्यपूर्ण कार्य से सम्बन्धित सभी दोषियों को कानून के कटघरे में लाएं।वैज्ञानिक ढंग से रखरखाव और बहाली के द्वारा इस इमारत को पुन: स्थापित करने के लिए तुरंत कदम उठाने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने सिख विरासत से सम्बन्धित सभी स्मारकों के रखरखाव के लिए पाकिस्तान सरकार पर ज़ोर डालने की माँग की है। उन्होंने ऐसी इमारतों को संस्थाई तरीकों के साथ संभालने के लिए कहा है जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएँ न घटें।बाद में मुख्यमंत्री ने एक प्रैस बयान में कहा कि अगर भारत सरकार पाकिस्तान सरकार से इजाज़त लेकर दे तो पंजाब सरकार इस ऐतिहासिक इमारत का पुन: निर्माण करेगी। इस घटना की तीखी आलोचना करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा इससे दुनिया भर में बसने वाले सिखों की भावनाओं को चोट लगी है, प्रधानमंत्री को लिखे एक अर्ध-सरकारी पत्र में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने लिखा है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह इमारत तकरीबन चार सदियों पुरानी है और यहाँ बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु जाते रहे हैं। इस इमारत को अब लालची लोगों ने गिरा दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना ने राज्य को बहुत ज़्यादा पीड़ा पहुंचायी है और यह उस समय घटी है जब हम श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मना रहे हैं।

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