पंजाब

उन्होंने 41 मारे हमें 82 मारने चाहिए – कैप्टन अमरिन्दर सिंह

पुलवामा हमले के संदर्भ में ‘जैसे को तैसा ’ नीति अपनाने का न्योता
चण्डीगढ़ – रोज़मर्रा की भारतीय सैनिकों की मूर्खतापूर्ण हत्याओं से पूरा देश तंग हो जाने की बात पर ज़ोर देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पाकिस्तान के विरुद्ध तीखी कार्यवाही करने का न्योता दिया है। उन्होंने सैनिक, कूटनीतिक, आर्थिक कार्यवाही या तीनों ही कार्यवाहियां एक साथ करने का सुझाव दिया है। पुलवामा आतंकवादी हमले के संदर्भ में कड़ा रूख अपनाने की वकालत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यवाही करने सम्बन्धी फ़ैसला केंद्र ने करना है परन्तु यह स्पष्ट है कि कुछ कदम ज़रूरी तौर पर उठाए जाने चाहिए। कुछ टीवी चैनलों से बातचीत के  दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अब कार्यवाही चाहता है। पूरी तरह उत्तेजित दिखाई दे रहे कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा,‘‘ कोई किसी को जंग करने के बारे नहीं कह रहा परन्तु सैनिकों की यह हत्याएँ मज़ाक नहीं हैं। कुछ न कुछ किये जाने की ज़रूरत है। मैं पूरी तरह परेशान हूँ, समूचा देश परेशान है।’’ कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह जंग के लिए नहीं कह रहे परन्तु वह लाजि़मी तौर पर पाकिस्तान के विरुद्ध जैसे को तैसा की नीति को अपनाए जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान इस कारण भारत को बंदी नहीं बना सकता कि वह एक परमाणु देश है। यहाँ तक कि हम भी परमाणु शक्ति हैं। यहाँ तक कि कारगिल के समय भी पाकिस्तान के परमाणु सामथ्र्य वाला देश होने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि इस बात के बावजूद भारतीय सेना ने उसे हराया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण पाकिस्तान किसी भी हालत में परमाणु हथियारों का कभी प्रयोग नहीं कर सकता क्योंकि अंतरराष्ट्रीय दबाव उसे ऐसा करने की आज्ञा नहीं देता। उन्होंने सुझाव दिया कि नयी दिल्ली को पाकिस्तान की ऐसी गीदड़ भभकियों के विरुद्ध डटना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के विरुद्ध कौन सी कार्यवाही करनी है, इसका फ़ैसला भारतीय प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने करना है परन्तु यह स्पष्ट है कि कुछ न कुछ किये जाने की ज़रूरत है। भावुक हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि बातचीत का समय होता है परन्तु अब बातचीत का समय नहीं है। इस समय पर देशभर में गुस्से की लहर है और लोग भारत सरकार द्वारा कुछ सख्त कदम उठाए जाना चाहते हैं। पूर्व सैनिक जिसका पहला प्यार ही सेना है, ने ऐलान किया कि अगर पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त आतंकवादी हमारे सैनिकों को मारेंगे तो हमें कुछ करना पड़ेगा। आतंकवादियों के सुरक्षित स्थानों को तबाह करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाए जाने का न्योता देते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादी संगठनों को ख़त्म कर दिया गया है। अगर वह हमारे 41 फौजियों को मारेंगे तो हमें 82 मारने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आँख के बदले आँख और दाँत के बदले दाँत की माँग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना तब से ही नरम रूख अपनाती आ रही है जब से वह 50 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने कहा कि उनको कश्मीर में नौजवानों पर गोलियाँ दागने की जगह जैश-ए -मुहम्मद के पीछे पडऩा चाहिए। कश्मीरियों के दिल और मन प्यार से जीतने पर ज़ोर देते हुए उन्होंने सेना से अपील की कि वह कश्मीरी नौजवानों को अपने दुश्मन के तौर पर न देखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत हो चुका है और पाकिस्तान को सख्त संदेश दिए जाने की ज़रूरत है कि वह जम्मू -कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देना और दखलअन्दाज़ी करना छोड़े। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान का हाथ स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में पावर सेना के हाथ और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान भी सेना द्वारा नियुक्त हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आतंकवाद से निपटने वाले कदम उठाए जाने चाहिए और हम उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए रणनीति तैयार करने के लिए रॉ जैसी केंद्रीय एजेंसियों से जानकारी हासिल की जा सकती है। पुलवामा में खुफिय़ा एजेंसियों के नाकाम रहने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने आई.एस.आई. द्वारा पंजाब में भी ऐसी हरकत करने की कोशिश करने का जि़क्र किया जहाँ उसे असफलता हासिल हुई। उन्होंने ऐसे लोगों के साथ निपटने के लिए स्पष्ट नीति का न्योता दिया। उन्होंने कहा,‘‘मैने ठोक बजा कर यह संदेश दिया है कि हमारी पुलिस फोर्स अब 80 और 90 के दशक वाली नहीं है। पंजाब पुलिस अग्नि परीक्षा से गुजऱ चुकी है और इनके मंसूबों का मुँह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।’’मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि यदि चीन और मुस्लिम देश पाकिस्तान को ख़ैरात देनी बंद कर दें तो पड़ोसी देश हाथ में भीख का कटोरा लेकर भटकेगा। उन्होंने पाकिस्तान के विरुद्ध सांसारिक स्तर पर कूटनीतिक रूख इख्तियार करने का न्योता देते हुए पड़ोसी देश की भारत विरोधी कार्यवाहियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सर्जीकल स्ट्राईक से कुछ हासिल नहीं होगा और पाकिस्तान को यह समझाने की ज़रूरत है कि भारतीय सैनिकों को हलके में न लिया जाये।पुलवामा हमले के मद्देनजऱ कश्मीरी विद्यार्थियों और अन्यों को निशाना बनाने संबंधी पूछे जाने पर कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह पूरी तरह देश का हिस्सा हैं और पंजाब उनकी हर तरह से सुरक्षा को यकीनी बनाएगा। फ़ौज में एकता की गौरवमयी मिसाल का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फोर्स में हर कोईएक परिवार होता है और हम धर्म से नहीं अपने युनिटों से पहचाने जाते हैं। मोहाली स्टेडियम से पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाडिय़ों की तस्वीरें हटाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस घटना से वाकिफ़ नहीं हैं और यह एक भावुक प्रतिक्रिया लगती है जो किसी क्लर्क स्तर के व्यक्ति की हो सकती है।मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि पुलवामा घटना करतारपुर गलियारे के यत्नों को पीछे की ओर नहीं धकेलेेगी जिससे समूचे सिख भाईचारे के सपने हकीकत में बदलेंगे और उनके दादा जी इससे बहुत पास से जुड़े हुए थे जिन्होंने साल 1920 के बाद इसका निर्माण करवाया था।

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