राजनैतिक लाभ के लिए बजट कार्यवाही में विघ्न डालने के लिए मंत्री को निशाना बनाने के लिए शिरोमणी अकाली दल की आलोचना
चंडीगढ़
– राजनैतिक लाभ लेने के लिए बजट पेश करने से पहले सदन की कार्यवाही में
विघ्न डालने के लिए शिरोमणी अकाली दल की तीखी आलोचना करते हुए पंजाब के
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि हरेक को अपने मन के विचार
प्रकट करने का अधिकार है और पुलवामा हमले संबंधी अपने रूख को स्पष्ट करना
नवजोत सिंह सिद्धू पर निर्भर है। टीवी चैनलों के साथ अपनी बातचीत के दौरान
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि सिद्धू एक क्रिकेटर है और वह एक सैनिक हैं
और दोनों का चीजों संबंधी नज़रिया अलग -अलग है। उन्होंने कहा कि मंत्री को
लाजि़मी तौर पर महसूस करना चाहिए कि उसने पाकिस्तान का दौरा करके ठीक नहीं
किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धू सेना की पेचीदगियों को नहीं समझता और
संभावी तौर पर उसने मित्रता के मनोरथ से प्रतिक्रिया की है। उन्होंने कहा
कि लाजि़मी तौर पर मंत्री का इरादा राष्ट्र विरोधी नहीं है और वह इसको समझ
गया होगा। मुख्यमंत्री ने राजनैतिक लाभ लेने के लिए अकालियों द्वारा
विधानसभा में शौर मचाने के लिए आलोचना की। उन्होंने कहा कि बजट को पेश करना
एक अहम कार्य होता है जिसका हर साल लोग बहुत उत्सुकता के साथ इंतज़ार करते
हैं। उन्होंने कहा कि अकालियों का उद्देश्य नवजोत सिंह सिद्धू को निशाना
बनाकर विधानसभा के इस महत्वपूर्ण काम से ध्यान हटाना था। अकालियों द्वारा
की गई नारेबाज़ी और वॉकआउूट पर तीखी प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कैप्टन
अमरिन्दर सिंह ने एक बयान में कहा कि पार्टी नैतिकता की समझ को पूरी तरह
भुला चुकी है। इससे स्पष्ट है कि वह रोज़मर्रा की सदन की कार्यवाही को मजाक़
बनाने की निराशाजनक कोशिशें कर रहे हैं। रचनात्मक विरोधी पक्ष की भूमिका
निभाने की बजाय वह लगातार मीडिया और लोगों में बने रहने के लिए संकुचित
राजनैतिक दावपेच इस्तेमाल कर रहे हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि
शिरोमणी अकाली दल ने एक बार फिर सदन में तकरार पैदा करके सभी लोकतांत्रिक
विचारों को धूल में मिला दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसा ग़ैर संवैधानिक
व्यवहार राष्ट्रीय रुतबे वाली पार्टी के लिए अनुचित है परन्तु इससे उसकी
वास्तव में लोक विरोधी मानसिकता सामने आई है। उनको न ही सदन की परंपराओं का
ख़्याल है और न ही लोगों के कल्याण संबंधी कोई चिंता है। वह सिफऱ् राज्य
विधानसभा में बेलगाम हुए पड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेताओं और
सदस्यों द्वारा विधानसभा में शौर मचाकर लोगों का ध्यान अपनी तरफ खीचना
रोज़मर्रा का काम हो गया है। उन्होंने कहा कि यह सार्वजनिक समर्थन और वोट
प्राप्त करने के ड्रामे के अलावा और कुछ भी नहीं है। चाहे किसी भी हालत में
सदन की कार्यवाही में विघ्न स्वीकृत करने योग्य नहीं है परन्तु अकाली
राजनैतिक लाभ लेने के लिए उतारू हैं जो कि पूरी तरह निंदनीय है।
मुख्यमंत्री ने विरोधी पार्टियों को न्योता दिया कि वह ऐसे ग़ैर
लोकतांत्रिक व्यवहार से सदन की मर्यादा को न घटाएं। उन्होंने कहा कि देश की
लोकतांत्रिक राजनीति में सदन की मर्यादा के उच्च विचारों को बनाए रखना
हरेक चुने हुए मैंबर की ड्यूटी और जि़म्मेदारी है।