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2019 के लिए एजेंडा- मोदी बनाम अराजकता: अरुण जेटली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर महागठबंधन पर हमला बोलते हुए ‘2019 के लिए एजेंडा- मोदी बनाम अराजकता’ शीर्षक वाले फेसबुक पोस्ट लिखा. पोस्ट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि ये साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के अधिकतर लोग संतुष्ट हैं, अगर ऐसा नहीं होता तो तमाम अलग अलग विचारधारा के दलों को प्रधानमंत्री के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत नहीं पड़ती।

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले आरोपों प्रत्यारोपों का दौर तेज हो रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली  ने एक बार फिर महागठबंधन पर हमला बोला है। जेटली ने ‘2019 के लिए एजेंडा- मोदी बनाम अराजकता’ शीर्षक वाले फेसबुक पोस्ट में कहा कि ये साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के अधिकतर लोग संतुष्ट हैं, अगर ऐसा नहीं होता तो तमाम अलग अलग विचारधारा के दलों को प्रधानमंत्री के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत नहीं पड़ती । ये केवल पीएम मोदी की लोकप्रियता और दोबारा सत्ता में उनकी तय वापसी की संभावना ही उनको साथ ला रही है। मौजूदा समय के सभी राजनेताओं में प्रधानमंत्री मोदी सबसे लोकप्रिय, निर्णायक और ऊर्जावान नेता हैं। 2014 में उन्होंने अकेले ही सभी जातिवादी राजनीतिक दलों और वंशवादी राजनीतिक समूहों को ढहा दिया ।    

जेटली ने विपक्षी दलों के महागठबंधन को अव्यावहारिक करार देते हुए कहा कि आगामी आम चुनाव में महत्वाकांक्षी समाज ”सामूहिक आत्महत्या” नहीं करेगा। आम चुनावों के लिए विपक्षी दलों के मोदी विरोधी एजेंडा अपनाने और चुनावी गणित का लाभ उठाने की दो तरफा रणनीति है।  अरुण जेटली ने लिखा, ”क्या 2019 का चुनाव 1971 का प्रतिरूप होगा? यह मोदी बनाम अव्यावहारिक और अल्पकालिक गठबंधन होगा या यह मोदी बनाम अराजकता होगी। ”अरुण जेटली ने कहा कि इस बार का चुनाव राष्ट्रपति चुनावों की तरह होगा जिसमें NDA 50 फीसदी वोट के लिए सीधी लड़ाई लड़ेगा।

कोलकाता की विपक्ष की रैली का जिक्र करते हुए जेटली ने लिखा जमीन पर ये एक मोदी विरोधी रैली थी। लेकिन ये मुख्य रूप से ”एक गैर- राहुल गांधी रैली” भी थी। विपक्षी दलों की राजनीति से प्रधानमंत्री पद के चार दावेदार सामने आ रहे हैं, लेकिन कोलकाता की रैली में ममता बैनर्जी को छोड़ अन्य तीन दावेदार यानि राहुल गांधी, मायावती और के चंद्रशेखर राव मौजूद नहीं थे।  रैली के मंच पर दो तिहाई लोग ऐसे थे जो पहले भारतीय जनता पार्टी के साथ रह चुके हैं, । रैली में एक भी ऐसा भाषण नहीं था जिसमें भविष्य के लिए सकारात्मक विचार दिए गए हों। उनके रवैये में नकारात्मकता साफ दिख रही थी ।
 
जेटली ने कहा कि सभी नेता पीएम मोदी  का स्थान लेने के लिए काल्पनिक रणनीतियां अपना रहे हैं और कांग्रेस केवल पीछे की सीट पर बैठने का सपना देख सकती है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा मौजूदा व्यवस्था में आम आदमी का भरोसा कायम है इसलिए आगामी लोकसभा चुनाव में एनडीए सरकार के लिए कोई चुनौती  नहीं है। महागठबंधन के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा कि एनडीए सरकार के दोबारा सत्ता में आने का डर उन्हें  एकसाथ लेकर आया।

इस बीच बीजेपी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के बढ़ते हुए वर्चस्व से ममता दीदी डर गई है और इसलिए वो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के  हेलिकॉप्टर को उतारने की अनुमति नही दे रही हैं ।कुल मिलाकर चुनाव से पहले एनडीए का मुकाबला करने के लिए विपक्ष महागठबंधन के रुप में सामने आ रहा है लेकिन बीजेपी उनके अंतर्रविरोधों और एक नेता न होने की वजह से उन पर सवाल उठा रही हैं।

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