चंडीगढ़ – मानसा की फूड सेफ्टी टीम द्वारा समय पर की गई कार्यवाही से एक बड़ी कामयाबी मिली। टीम द्वारा देसी घी की मिलावट करने वाले व्यक्ति को रोका गया जो दूध के टैंकर में छिपाई मिलावटी सामग्री को बेचने की ताक में था। यह जानकारी फूड सेफ्टी कमिशनर, पंजाब श्री के.एस. पन्नू ने दी।उन्होंने बताया कि देसी घी की मिलावट करने वालों के खि़लाफ़ फूड सेफ्टी टीमों की सख्त कार्यवाही से घबराते हुए उत्पादकों द्वारा फूड सेफ्टी टीमों को चकमा देने के लिए कई हत्थकंडे अपनाए जा रहे हैं। इस कार्यवाही संबंधी जानकारी देते हुए पन्नू ने बताया कि सूचना मिलने के उपरांत मानसा की फूड सेफ्टी टीम द्वारा सी.आई.ए. स्टाफ के सहयोग से मानसा जि़ले में बरेटा मंडी में छापेमारी की गई।छापेमारी के दौरान टीम ने पता लगाया कि दो किस्मों के नकली देसी घी को मिला कर कुल 59 क्विंटल संदिग्ध देसी घी तैयार किया जा रहा था जिनमें से घी की एक किस्म और उत्पादक द्वारा सप्लाई की जा रही थी और दूसरी किस्म डेयरी मालिक द्वारा तैयार की जा रही थी। डेयरी मालिक ने इन दोनों किस्मों के नकली घी को मिला कर अनीक नामी ब्रांड तैयार किया और उसकी सप्लाई की। मौके पर एक विलक्षण किस्म का पदार्थ /केमिकल भी मिला जिसको अंतिम उत्पाद तैयार करने के लिए देसी घी में मिलाया जाता था।टीम द्वारा नमूने लिए गए और तकरीबन 59 क्विंटल मिलावटी देसी घी ज़ब्त कर लिया गया। इस छापेमारी का एक और हैरानीजनक तथ्य यह था कि दूध के टैंकर में 10 क्विंटल मिलावटी देसी घी बहुत चालाकी से छिपाया हुआ था जिसको नज़दीकी क्षेत्रों में तस्कर किया जाना था।