भारत

पीएम ने अहमदाबाद में विश्वस्तरीय अस्पताल का किया उद्घाटन

तीन दिन के गुजरात दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने राज्य के लोगों खासकर गरीबों को एक बड़ा तोहफा दिया. पीएम मोदी ने अहमदाबाद में सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च संस्थान का उद्धाटन किया, जो गरीबों को कम खर्च पर अत्याधुनिक इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएगा. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर आयुष्मान भारत का जिक्र करते हुए इसे क्रांतिकारी योजना कहा और बताया कि कैसे इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में भी गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं.

नए भारत के निर्माण की दिशा में पीएम मोदी का एक और कदम. प्रधानमंत्री ने अपने नए भारत के सपने में लोगों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराने की बात कही थी और उसी के तहत उन्होंने अहमदाबाद में अत्याधुनिक सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च संस्थान का उद्धाटन किया. आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत ये अस्पताल गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मुहैया कराएगा. पीएम ने अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर कहा कि अस्पताल देश में एक मॉडल बनकर उभरेगा.

17 फ्लोर का ये अस्पताल 750 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है. आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस इस अस्पताल का संचालन अहमदाबाद नगर निगम करेगा और गरीबों को कम कीमत पर विश्व स्तरीय सेवाएं मुहैया कराएगा.अस्पताल में मरीजों के लिए कुल 1,500 बिस्तर होंगे, जिनमें से 1,300 जनरल वार्ड के हैं, जबकि 200 बेड एग्जीक्यूटिव क्लास में बनाए गए है. अस्पताल में सभी आधुनिक सुविधाओं सहित कुल 32 ऑपरेशन थिएटर हैं तो साथ ही 139 बेड आईसीयू में होंगे. अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श के लिए 90 कमरे हैं और 20 विशेषज्ञ विभागों के डॉक्टर भी मरीजों के लिए मौजूद होंगे.अस्पताल के अपने दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल विजिटर्स बुक के ज़रिए अपने विचार साझा किए. डिजिटल इंडिया के मंत्र को ध्यान में रखते हुए पीएम ने एक टैब पर हस्ताक्षर करने के लिए एक स्टाइल्स का उपयोग किया. इस मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत को एक ऐसी क्रांतिकारी योजना करार दिया जिसने गरीबों को सशक्त बनाया है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत कार्यक्रम की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं की मांग बढ़ रही है और मांग में इस बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सेवाएं तेजी से ग्रामीण इलाकों में पहुंच रही हैं. इसकी वजह से स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की भारी गुंजाइश है. इस मांग को पूरा करने के लिए सरकार चिकित्सा शिक्षा का विस्तार कर रही है जिसके तहत 2014 के बाद 18,000 से अधिक एमबीबीएस सीटें और 13,000 पोस्ट ग्रेजुएट सीटें बढ़ा दी गई हैं.

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