बजट से पहले विचार -विमर्श मीटिंग के दौरान माझे के कांग्रेसी विधायकों से सुझाव मांगे
चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज राज्य के लिए शहरी और ग्रामीण पर्यावरण सुधार प्रोग्राम का ऐलान किया जो 1500 करोड़ रुपए की लागत से चरणबद्ध चलाया जायेगा।कांग्रेस पार्टी के माझा क्षेत्र के विधायकों और सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ बजट से पहले विचार -विमर्श के दौरान यह ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने चुने हुए नुमायंदों को भरोसा दिया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास की राह में फंड की किसी तरह की कमी नहीं आने दी जायेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि 1500 करोड़ रुपए में से 1000 करोड़ रुपए ग्रामीण बुनियादी ढांचे के सुधार पर खर्च किए जाएंगे जबकि बाकी 500 करोड़ रुपए शहरी बुनियादी ढांचे के लिए इस्तेमाल किये जायेगें जिससे नागरिकों को बढिय़ा बुनियादी सहूलतें मुहैया करवाए जाने को यकीनी बनाया जा सके।एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यहाँ पंजाब भवन में हुई इस मीटिंग के दौरान माझा क्षेत्र के विधायकों ने अपने-अपने हलके के सर्वपक्षीय विकास को यकीनी बनाने के लिए बजट प्रस्तावों पर अपने विचार रखे।राज्य सरकार की तरफ से माझा, दोआबा, मालवा -1 और मालवा -2के कांग्रेस पार्टी के विधायकों के साथ सलाह-मशवरे का चार स्तरीय प्रोग्राम बनाया गया है। प्रोग्राम के मुताबिक वीरवार को दोआबे के विधायकों, शुक्रवार को मालवा -1 के पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोहाली, रोपड़, बरनाला जिलों के विधायकों और शनिवार को मालवा -2 के संगरूर, बठिंडा, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, फरीदकोट, फिऱोज़पुर, फाजिल्का और मोगा जिलों के विधायकों के साथ मीटिंगें होंगी।माझे के विधायकों की माँगों पर समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ने सम्बन्धित विभागों को हिदायत की कि स्मार्ट गाँव मुहिम को उत्साहित करने के लिए प्रोग्राम और स्कीमें उभारने और शहरी पर्यावरण सुधार प्रोग्राम चलाने के आदेश दिए। उन्होंने राज्य समिति की आगामी मीटिंग के दौरान इस सम्बन्ध में विस्तृत प्रस्ताव पेश करने के लिए कहा।मीटिंग में उपस्थित विधायकों ने सरकार की तरफ से कजऱ् माफी संबंधी किये गये कामों की सराहना की। इस स्कीम के अंतर्गत मार्च, 2019 तक 7 लाख किसानों का 6000 करोड़ रुपए का कजऱ् माफ हो जायेगा। उन्होंने पिछले दो सालों के दौरान मनरेगा के अधीन 1438 करोड़ रुपए के हुए विकास कामों की भी प्रशंसा की।
विचार -विमर्श में हिस्सा लेते हुए विधायकों ने सडक़ों और पुलों को मज़बूत करने, कजऱ् माफी की राशि बाँटने के काम में तेज़ी लाने, भूमि रहित कामगारों के लिए नई कजऱ् माफी स्कीम लागू करने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के सुधार के लिए मनरेगा फंड के अधिक से अधिक प्रयोग करने समेत मुख्य सुझाव पेश किये। विधायकों ने यह भी सुझाव दिया कि बेहतर ढंग से बुनियादी सहूलतें मुहैया करवाने के लिए शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ठोस यत्न करने चाहिएं। उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मद्देनजऱ डेरा बाबा नानक के इलाके और करतारपुर गलियारे के सर्वपक्षीय विकास के लिए ज़रुरी कदम उठाने के अलावा पवित्र नगर सुलतानपुर लोधी के बुनियादी ढांचे को संवारने की भी माँग की।गुरदासपुर से मैंबर लोक सभा सुनील जाखड़ ने अमृतसर शहर के विकास की बात करते हुए कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मद्देनजऱ अमृतसर को दुनिया में एक अति सुंदर और नमूने के शहर के तौर पर विकसित करने के मकसद से विशेष फंड मुहैया करवाए जाएं। उन्होंने गुरू नानक देव अस्पताल अमृतसर के कायाकल्प और अपेक्षित बुनियादी ढांचा मुहैया करवा कर इस प्रतिष्ठित अस्पताल के स्तर में और सुधार लाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।विधायक राज कुमार वेरका ने नौजवानों के लिए रोजग़ार पैदा करने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए कहा कि किसानों की आय में सौर्य ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में रियायतें प्रदान करके विस्तार किया जा सकता है।राज्य सभा मैंबर प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में शिक्षा और सेहत क्षेत्रों की तरफ विशेष ध्यान देने की बात करते हुए कहा कि इन संस्थाओं खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में खाली पड़े पदों को प्रथमिकता के आधार पर भरा जाये जिससे आम लोगों को प्राथमिक ज़रूरी सहूलतें मुहैया करवाने को यकीनी बनाया जा सके।पट्टी से विधायक हरमिन्दर सिंह गिल ने शहरों में सिवरेज सिस्टम, पावर सब -स्टेशन और स्ट्रीट लाईटों की अपेक्षित संभाल की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। विधायक इन्दरबीर सिंह बोलारिया ने अपने विधान सभा हलके और राज में सॉलिड बेस्ड मैनेजमेंट बाबत उपयुक्त और पुख्ता प्रबंध करने की माँग करते हुए खेल स्टेडियम बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिससे नौजवानों को खेल की तरफ प्रेरित किया जा सके।स्कूल शिक्षा में सुधारों संबंधी विधायकों के सुझाव पर अपना पक्ष रखते हुए शिक्षा मंत्री ओ.पी. सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की दूरअन्देशी स्वरूप विभाग द्वारा अहम कदम उठाए गए हैं जिसके सकारात्मक निष्कर्ष सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षा के मानक के स्तर में और सुधार और स्कूलों में बुनियादी ढांचे की मज़बूती अमल में लाई जा रही है। इस मौके पर दूसरों के अलावा कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा, नवजोत सिंह सिद्धू, तृप्त रजिन्दर सिंह बाजवा, साधु सिंह धर्मसोत, अरुणा चौधरी, सुखजिन्दर सिंह रंधावा, चरनजीत सिंह चन्नी, गुरप्रीत सिंह कांगड़, सुखबिन्दर सिंह सरकारिया, भारत भूषण आशु, विजय इंद्र सिंगला, सुंदर शाम अरोड़ा और बलबीर सिंह सिद्धू, अमृतसर से मैंबर लोक सभा गुरजीत सिंह औजला और माझा क्षेत्र के दूसरे विधायकों फतेहजंग सिंह बाजवा, सुनील दत्ती, तरसेम सिंह डी सी, संतोख सिंह भलाईपुर, सुखविन्दर सिंह डैनी बंडाला, बरिन्दरमीत सिंह पाहड़ा, बलविन्दर सिंह लाडी, जोगिन्द्र पाल, डा. धर्मवीर अग्निहोत्री और सुखपाल सिंह भुल्लर ने भी अपने विचार पेश किये।मुख्यमंत्री के मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन, अतिरिक्त मुख्य सचिव सतीश चंद्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव एम.पी. सिंह, प्रमुख सचिव वित्त अनिरुद्ध तिवाड़ी, प्रमुख सचिव स्थानीय निकायए. वेनू प्रसाद, प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतें अनुराग वर्मा आदि भी मौजूद थे।