पांच जजों की संविधान पीठ आज से अयोध्या मामले की सुनवाई शुरु करेगी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली इस पांच सदस्यीय संविधान पीठ में चार अन्य वरिष्ठ जज शामिल हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ गठित की थी।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली इस पांच सदस्यीय संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति उदय यू ललित और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ शामिल हैं।
देश की सर्वोच्च अदालत गुरुवार से अयोध्या भूमि विवाद से जुड़े मालिकाना हक संबंधी मामले की सुनवाई करेगी । मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ गठित की थी । यह पीठ 10 जनवरी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगी।विवाद से जुड़े दोनों पक्षों से सुनवाई का स्वागत किया है ।
इसी साल चार जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस मामले में गठित होने वाली उचित पीठ 10 जनवरी को अगला आदेश देगी। अब गुरुवार की सुनवाई में ये तय होगा कि मामले की नियमित सुनवाई कब से शुरु होगी और क्या ये रोजाना होगी ।
गौरतलब है कि अयोध्या में भूमि विवाद से संबंधित 2.77 एकड़ जमीन के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 30 सितंबर, 2010 के 2:1 के बहुमत के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 अपीलें दायर की गयी हैं। उच्च न्यायालय ने इस फैसले में विवादित भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला विराजमान के बीच बराबर बराबर बांटने का आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ अपील दायर होने पर शीर्ष अदालत ने मई 2011 में उच्च न्यायालय के निर्णय पर रोक लगाने के साथ ही विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया था।