‘रायसीना डायलॉग’ में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा , आतंकवाद के मौजूदा खतरे से कोई भी देश सुरक्षित नहीं, आतंकवाद और उसका इस्तेमाल करने वालों को कतई बर्दाशत नहीं करने पर दिया जोर, सामूहिक विनाश के हथियारों के प्रसार और जलवायु परिवर्तन को बताया दुनिया के सामने बड़ी चुनौती।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रायसीना संवाद-2019 में बोलते हुए कहा कि हमारा फोकस हमारे सामने मौजूद चुनौतियों का हल गतिशील साझीदारियों तथा मौलिक रुख अपनाकर तलाशने पर है। उन्होंने कहा कि दुनिया के साथ भारत का जुड़ाव उसके सभ्यतागत लोकाचार में निहित है, जो कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है।
विदेश मंत्री ने साथ ही कहा कि अनसुलझे सीमा के मुद्दों को बातचीत के जरिये हल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सही भावना के साथ-साथ हिंसा और शत्रुता से मुक्त वातावरण का होना जरूरी है।