पंजाब

काऊंटर इंटेलिजेंस और शहरी पुलिस द्वारा दोना कत्ल केस में शामिल गैंगस्टर बाबा गिरफ्तार

बाबा इस वर्ष जुलाई महीने में हुए कत्ल में वांछित था
जालंधर – इस वर्ष 27 जुलाई को अजय कुमार दोना निवासी वाल्मीकि मोहल्ला दकोहा के हुए कत्ल केस में शामिल गैंगस्टर गुरविन्दर सिंह उर्फ बाबा को कांउन्टर इंटेलिजेंस और कमिशनरेट पुलिस द्वारा सांझे ऑप्रेशन के दौरान गिरफ़्तार किया गया है। एक प्रैस बयान में कांउन्टर इंटेलिजेंस विंग के ए.आई.जी.श्री हरकंवलप्रीत सिंह खख ने बताया कि गुरविन्दर सिंह उर्फ बाबा (39 वर्ष) पुत्र जसवीर सिंह गाँव फोलड़ीवाल इस कत्ल केस समेत कत्ल की कोशिश, डाका मारने और अन्य आधे दर्जन मामलों में शामिल है। उन्होंने कहा कि बाबा एक भगौड़ा अपराधी है जो पुलिस को बहुत से मामलों में वांछित था। श्री खख ने बताया कि काउन्टर इंटेलिजेंस को गुरविन्दर सिंह के अपने गाँव आने संबंधी सूचना मिली थी और इस सूचना को जल्दी ही कमिशनरेट पुलिस के साथ सांझा करके कांउन्टर इंटेलिजेंस और रामा मंडी पुलिस स्टेशन की टीम गठित करके अरबन अस्टेट रेलवे फाटक के नज़दीक नाका लगा कर गैंगसटर गुरविन्दर सिंह उर्फ बाबा को गिरफ़्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गुरविन्दर सिंह मुख्य तौर पर राजस्थान से सम्बन्ध रखता है परन्तु उसके पिता की 1981 में मौत हो जाने के बाद उसकी माता ने उसके ननिहाल गाँव फोलड़ीवाल में रहना शुरू कर दिया। ए.आई.जी.ने आगे बताया कि गुरविन्दर सिंह उर्फ बाबा गैंगस्टर सुखी धीरोवालिया द्वारा दोआबा क्षेत्र में चलाए जा रहे ‘शेरो ग्रुप’ का मैंबर है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक पुछताछ के दौरान गुरविन्दर सिंह उर्फ बाबा ने बताया कि 27 जुलाई को अजय कुमार दोना को रामा मंडी में जिम्म से बाहर आते ही उसके साथी अर्जुन सहगल और दूसरे द्वारा चार गोलियाँ चलाई गई और रामा मंडी में भीड़ का फ़ायदा उठाते हुए वह मौके से फऱार हो गए। श्री खख ने आगे बताया कि इस कत्ल की योजना बाबा के गाँव फोलड़ीवाल में घर पर बनाई गई थी और बाबा ही इस कत्ल का मुख्य फाईनांसर था। उन्होंने बताया कि दोषियोंं की तरफ से इस जगह का चयन इसलिए किया गया था क्योंकि जिम्म में जाते समय अजय कुमार दोना की तरफ से कोई हथियार अपने पास नहीं रखा जाता था। कत्ल के बाद दोषियों की तरफ से सारी रात गाँव फोलड़ीवाल में बाबा के घर में बिताई गई और अगले दिन वह सभी अलग-अलग हो गए और बाबा राजस्थान में अपने जद्दी घर में चला गया जहाँ वह कई महीने रहा। राजस्थान में रहने के बाद बाबा वापिस आया और लम्बी मूछें और दाढ़ी रख कर अपनी पहचान बदलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वह लगातार अपनी छिपने की जगह बदल कर पुलिस को चकमा देता रहा है। कमिशनरेट पुलिस द्वारा पहले ही जगदीप सिंह उर्फ जग्गा, योगराज सिंह उर्फ योगा और मुकेश कुमार उर्फ लाला को इस कत्ल केस से संबंधित होने के कारण 2 अगस्त को गिरफ़्तार किया जा चुका था और मुख्य दोषी गुरविन्दर सिंह उर्फ बाबा और अर्जुन सहगल की अजय भागे हुए थे। ए.आई.जी.ने बताया कि पुलिस पार्टी गुरविन्दर सिंह उर्फ बाबा को उसके साथी अर्जुन सहगल के साथ गिरफ़्तार करने के लिए पूरी तरह चौकस थी।

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