राष्ट्रपति सिरीसेना ने विक्रमसिंघे पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, संसद के अध्यक्ष ने दी रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री के रूप में मान्यता
श्रीलंका में राजनीतिक उठा पटक थमने का नाम ही नहीं ले रही है। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने रानिल विक्रमसिंघे पर भ्रष्टाचार और व्यक्तिगतरुप से निर्णय लेने के आरोप लगाये हैं। कल शाम प्रसारित एक रिकॉर्ड संदेश में सिरीसेना ने रानिल विक्रमसिंघे के साथ नीतिगत मतभेद के आरोप लगाए और उन्हें बॉन्ड घोटाले और खराब आर्थिक प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ठहराया। सिरीसेना ने महिंदा राजपक्षे को शपथ दिलाने के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि उनके पास यही एकमात्र विकल्प था। राष्ट्रपति सिरीसेना ने कहा कि रानिल विक्रमसिंघे का राजनीतिक आचरण अनुचित था। इससे पहले संसद के अध्यक्ष ने रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री के रूप में मान्यता दे दी।
इस बीच श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री महिन्दा राजपक्षे ने कहा है कि उनका प्रमुख लक्ष्य देश में जल्द से जल्द संसदीय चुनाव कराना है। उन्होंने कहा कि लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर ऐसी सरकार चुनें, जो देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान कर सके। राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने रानिल विक्रमसिंघे को हटाकर शुक्रवार को उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।