पंजाब

मंडियों में धान की खरीद पर विजीलैंस रखेगी पैनी नजर- बी.के.उप्पल

निर्विघ्न खरीद यकीनी बनाने के लिए विशेष टीमें करेंगी अचानक चैकिंग
चंडीगढ़ – मंडियों में धान की फ़सल बेचने आए किसानों की परेशानी रोकने, खरीद प्रक्रिया को भ्रष्ट तरीकों से मुक्त रखने और ज्यादा मुश्किलों से बचाने संबंधी मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह की हिदायतों के अनुसार पंजाब विजीलैंस ब्यूरो द्वारा राज्यभर की मंडियों में धान की चल रही खरीद प्रक्रिया पर अचानक चैकिंग के ज़रिये मुकम्मल नजऱ रखी जायेगी।
आज यहाँ विजीलैंस ब्यूरो के हैडक्वाटर में सीनियर अधिकारियों के साथ विशेष मीटिंग के बाद मुख्य निदेशक कम -ए.डी.जी.पी. बी.के.उप्पल ने बताया कि मंडियों में धान की खरीद पर निगरानी रखने के लिए समूह विजीलैंस ब्यूरो रेंजों के सभी एस.एस.पीज. और अन्य अधिकारियों को हिदायतें जारी की जा चुकी हैं और उनको धान के खरीद प्रबंधों संबंधी अचानक चैकिंग करने और किसानों और आढ़तियों से फीडबैक लेने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस विशेष चैकिंग के लिए विशेष टीमें गठित की जा रही हैं जिनमें खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग, खरीद एजेंसियोंँ और सिवल प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे।
इस जांच मुहिम के पीछे के उद्देश्य पर रौशनी डालते हुए उन्होंने बताया कि विजीलैंस ब्यूरो द्वारा यह यकीनी बनाया जायेगा कि धान की खरीद के दौरान किसानों को खरीद एजेंसियों के अधिकारियों या आढ़तियों द्वारा मिलीभुगत के कारण परेशान न किया जाये। उप्पल ने किसानों को यकीन दिलाया कि विजीलैंस ब्यूरो किसानों के हितों के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है और खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि जांच टीमों को बोरी का भार, मानक कंट्रोल, खरीद के तरीकों, भुगतान और ढुलाई प्रक्रिया या मंडियों के अंदर बुनियादी सहूलतों में किसी भी तरह की कमी पाये जाने पर पारदर्शी रिपोर्ट देने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा खरीद एजेंसियों और आढ़तियों के बीच किसी भी किस्म की मिलीभुगत का पता लगाने के लिए मंडियों /शैलरों की अलॉटमैंट और धान को गोदामों /मिल्लरों तक पहुंचाना भी जांच के अधीन रहेगा।
विजीलैंस प्रमुख ने कहा कि इस मुहिम के दौरान ब्यूरो को यदि किसी भी किस्म के भ्रष्ट तौर-तरीकों का पता लगता है तो दोषी अधिकारियों के खि़लाफ़ सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने लोगों को सरकारी कर्मचारियों की तरफ से किसी भी किस्म के भ्रष्टाचार की सूचना बिना हिचकिचाहट के विजीलैंस ब्यूरो के टोल फ्र ी नंबर 1800-1800-1000 पर देने के लिए भी कहा।

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