पंजाब

कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा श्वेत मलिक का बयान बेतुका और हास्यप्रद करार

मंदी में फसी कृषि, रिअल एस्टेट और उद्योग को उनकी सरकार ने बाहर निकाला – मुख्यमंत्री

चंडीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भाजपा के राज्य प्रधान द्वारा उन पर और उनकी सरकार के कामकाज पर गई की टिप्पणियों को बेतुका और हास्यप्रद करार देते हुए केंद्र में भाजपा सरकार के फैल हो जाने से लोगों का ध्यान दूसरी तरफ़ ले लाने के लिए घटिया हत्थकंडे इस्तेमाल करने के लिए श्वेत मलिक पर दोष लगाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने राज्य को चलाने के लिए उनको फ़तवा दिया है न कि भाजपा को। उन्होंने मलिक को सरकार के कामकाज से अलग रहने और अपनी पार्टी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है जिसका आगामी लोक सभा चुनाव में राज्य में से पूरी तरह सफाया होने जा रहा है।आज यहां जारी एक ताबड़तोड़ बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का अपने कुशासन का जबरदस्त रिकार्ड है और कांग्रेस सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करने का इसके किसी भी मैंबर को कोई हक नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्या मलिक को पता है कि हम (मेरी सरकार और टीम) किस तरह काम करते हैं? क्या उसे इसकी रत्ती भर भी जानकारी है कि मैं किस तरह राज्य और इसके प्रशासन को चला रहा हैं?’’ कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अकालियों ने भाजपा समेत कभी भी अपने मंत्री और अधिकारी को स्वतंत्र रूप में काम करने नहीं दिया, परन्तु इसके उलट वह अथॉरिटी के विकेंद्रीकरन में विश्वास रखते हैं। मैं अपने मंत्रियों को काम करने की पूरी आज़ादी दी हुई है और सभी नीतिगत फ़ैसलों का निर्णय मेरे द्वारा मंत्री मंडल में लिया जाता है। जहाँ तक अफसरों का सम्बन्ध है सी.पी.सी.एम, मुख्य सचिव, डी.जी.पी और पी.एस को काम संबंधी हिदायतें दी हुई हैं परन्तु मलिक इसको समझ नहीं सकता क्योंकि भाजपा के प्रशासन में इस तरह की खुदमुख्तारी की कल्पना नहीं की जा सकती। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पिछले डेढ़ साल के दौरान उनकी सरकार ने सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियाँ मुहैया करवायी हैं और 3.89 लाख नौजवानों को स्व रोजग़ार में लगाया है। इस हिसाब से प्रति दिन 695 व्यक्तियों को रोजग़ार दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले अनेकों सालों में पहली बार पंजाब के रिअल एस्टेट क्षेत्र में उभार आया है जिसके कारण स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन राजस्व में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल के अगस्त महीने के मुकाबले इस अगस्त में 35.71 प्रति सदी राजस्व बढ़ा है। कृषि सैक्टर के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने मलिक को याद दिलाया कि पंजाब ने पिछले साल गेहूँ, धान और कपास के क्षेत्र में रिकार्ड उत्पादन किया और इस साल भी राज्य सभी रिकार्डों को पिछाडऩे की तरफ बढ़ रहे हंै। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि साल 2018 की रवी सीजन के दौरान 178.50 लाख टन गेहूँ का उत्पादन हुआ और प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 50.90 क्विंटल हुई खुशी से आज तक का सबसे ज्यादा उत्पादन है। उन्होंने कहा कि 2017 की खरीफ सीजन के दौरान धान का उत्पादन 199.72 लाख टन हुआ था जो पिछले सभी समय से ज्यादा था। इसी साल के दौरान धान का झाड़ प्रति हेक्टेयर 65.16 क्विंटल हुआ था जो आज तक का रिकार्ड है। उन्होंने कहा कि मानक बीजों, खादों, खेती रासायनों, ट्यूबवैलों के लिए बिजली और नहरी सिंचाई की समय पर सप्लाई और बढिय़ा प्रबंधन के नतीजों की वजह से यह सब कुछ हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में हाल ही हुईबारिश के कारण हुए नुक्सान के बावजूद इस बार भी धान का रिकार्ड उत्पादन 205 लाख टन होने की उम्मीद है और इस बार प्रति हेक्टेयर झाड़ 66 क्विंटल से ज्यादा होने की आशा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार नरमे का झाड़ 780 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर होने की आशा है जबकि पिछले साल यह झाड़ 757 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर था। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले तीन सीजऩों की तरह इस बार भी बिना किसी अड़चन के मंडियों में से खरीद की प्रक्रिया को यकीनी बनाऐगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मलिक की पार्टी के हिस्सेदार अकालियों ने दशक के अपने शासन के दौरान कजऱ्े में फंसे किसानों के लिए बातों -बातों के अलावा और कुछ भी नहीं किया परन्तु इसके उलट उनकी सरकार ने पहले ही 307045 किसानों के 1736.29 करोड़ रुपए के सहकारी बैंकों के फ़सली कजऱ्े माफ कर दिए हैं। मध्य अक्तूबर से 127838 सीमांत किसानों के व्यापारिक बैंकों से प्राप्त किये हुए फ़सली कजऱ्े भी माफ करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी। उन्होंन कहा कि उनकी सरकार की कजऱ् माफी की स्कीम के साथ कुल 10.25 लाख परिवारों को लाभ पहुँचेगा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अकाली-भाजपा के शासन के दौरान बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और इसकी बुरी नीतियों के कारण पंजाब से बाहर गया उद्योग फिर राज्य में आने की आकांक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रोजेक्टों संबंधी 209 आवेदन प्राप्त हुई हैं जिनमें 11000 करोड़ रुपए के निवेश और 71635 नौकरियां पैदा करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह आवेदन पिछले 18 महीनों के दौरान प्राप्त किये हैं। इस बीच में बहुत से उद्योग जल्दी ही राज्य में आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक सुरजीती का समय चल रहा है। साल 2016-17 के दौरान मध्यम, लघु और माईक्रो इकाईयों की क्रमवार संख्या 74,2276 और 8571 थी जो साल 2017 -18 के दौरान बढ़ कर क्रमवार 78,2831 और 1812 हो गई हैं। यह वृद्धि क्रमवार 5.5′, 25′ और 112′ हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार और इसके कामकाज संबंधी बोलने से पहले यह बढिय़ा होगा कि मलिक लोगों को यह स्पष्ट करे कि भाजपा ने हर साल लोगों के लिए 2 करोड़ नौकरियाँ पैदा करने के अपने वायदे को क्यूं नहीं पूरा किया। उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि भाजपा तेल कीमतों को काबू करने, रुपए की कीमत को घटने से रोकने, काले धन को वापस लाने और किसानों की आय दोगुनी करने में क्यूं असफल रही है।

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