पंजाब

पंजाब 01 अक्तूबर से धान की खरीद के लिए तैयार

पंजाब को इस वर्ष 200 लाख मीट्रिक टन धान की आवक होने की उम्मीद
चंडीगढ़ – खाद्य और सिवल सप्लाई मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने राज्य की खरीद एजेंसियों के समूह प्रधानों और पंजाब क्षेत्र के जनरल मैनेजर एफ.सी.आई को निर्देश दिए कि वह 01 अक्तूबर से राज्य भर में शुरू होने वाली धान की खरीद पर निजी तौर पर नजऱ रखें जिससे यह एजेंसियां खरीद के लिए अपने निर्धारित हिस्से के अनुसार धान की तुरंत उठवाई को यकीनी बना सकें। पंजाब को इस वर्ष 200 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद होने की आशा है। राज्य भर में स्थापित 1834 खरीद केन्द्रों में कुल धान की खरीद में से पनग्रेन 30 प्रतिशत, पनसप 22 प्रतिशत, मार्कफैड्ड 23 प्रतिशत, पंजाब एग्रो 10 प्रतिशत, पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग निगम 10 प्रतिशत और एफ.सी.आई 05 प्रतिशत धान की खरीद करेगी।राज्य में 2018-19 सावन की फ़सल के सीजन के लिए धान के खरीद प्रबंधों का जायज़ा लेते हुए श्री आशु ने कहा कि एक तरफ़ धान की निर्विघ्न और तत्काल खरीद और दूसरीे तरफ़ किसानों को समयबद्ध ढंग से उनकी फ़सल के भुगतान को यकीनी बनाने के लिए हर संभव कोशिशें की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट रूप में कहा कि मंडियों में अपनी फ़सल की बिक्री के दौरान किसानों को कोई मुश्किल पेश नहीं आने दी जायेगी।
उन्होंने फ़सल के भंडारण के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली मज़बूत बोरियों का प्रयोग करने और फ़सल के भंडारण के समय इन बोरियों की किल्लत न होने को यकीनी बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया के दौरान निजी तौर पर मंडियों का दौरा करने और निर्विघ्न उठवाई को यकीनी बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि फील्ड स्टाफ धान की खरीद प्रक्रिया को जल्द से जल्द सम्पूर्ण करने के लिए शनिवार, रविवार और सरकारी छुट्टियों वाले दिन भी काम करें। खाद्य और सिवल सप्लाई मंत्री ने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को मंडियों में फ़सल की सुरक्षा और सफ़ाई सहूलतों संबंधी उचित प्रबंध यकीनी बनाने के लिए कहा। भारत सरकार ने ए-ग्रेड के धान के लिए अधिक से अधिक बिक्री मूल्य 1770 रुपए प्रति क्विंटल और धान की आम किस्म के लिए 1750 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। राज्य की एजेंसियों द्वारा धान की खरीद संबंधी 40,300 करोड़ रुपए की सी.सी.एल. लिमट का लाभ लेने के लिए वित्त विभाग की तरफ से आर.बी.आई को नकद कजऱ् सीमा के सम्बन्ध में प्रस्तावन भेज दिया गया है। एफ.सी.आई. धान की खरीद के लिए ज़रूरी फंडों के लिए अपने स्तर पर ख़ुद प्रबंध करेगी। श्री आशु ने समूह किसानों को ज़ोरदार अपील की गई है कि वह मंडियों में सूखी, साफ़ और पूर्ण तौर पर पकी फ़सल ही लेकर आएं। उन्होंने सभी भाईवालों चाहे वह आढ़तिया, ट्रांसपोर्टर या शैलरज़ जो भी हो, को यह भी कहा कि वह भ्रष्टाचार जैसी गलत गतिविधियों से गुरेज़ करें।

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