पंजाब

श्री गुरू तेग़ बहादुर जी के 400 वें प्रकाशोत्सव को समर्पित मुकाबलों में तीन लाख स्कूली विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा: विजय इंदर सिंगला

श्री गुरू तेग़ बहादुर जी की शिक्षाएं, बलिदान और उपदेशों के प्रचार-प्रसार के लिए पंजाब सरकार ने किया बड़ा प्रयास: स्कूल शिक्षा मंत्री
चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 400 वें प्रकाशोत्सव को यादगार बनाने के लिए साल भर चलने वाले जश्नों के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इन समागमों की श्रृंखला के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी राज्य के सरकारी स्कूलों में अलग-अलग तरह के मुकाबले करवाकर, विद्यार्थियों को गुरू साहिब की वाणी, अतुलनीय शहादत और शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए बड़ा प्रयास किया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा करवाए जा रहे मुकाबलों में राज्य के सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले लगभग तीन लाख विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया।स्कूल शिक्षा मंत्री पंजाब श्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि फरवरी महीने के पहले पन्दरवाड़े के दौरान श्री गुरु तेग़ बहादुर जी की वाणी, बलिदान और उपदेशों संबंधी भाषण मुकाबले करवाए। उन्होंने बताया कि इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान भी स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के 400 वें प्रकाशोत्सव को समर्पित 11 शिक्षा से जुड़े हुए ऑनलाइन मुकाबले करवाए जा चुके हैं, जिनमें पगड़ी बाँधने का मुकाबला, शब्द गायन, कविता गायन, भाषण, पीपीटी मेकिंग, गीत गायन, चित्रकला, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लिखना, वाद्य वादन और सुलेख रचना आदि शामिल थे। उन्होंने बताया कि इन मुकाबलों की शुरुआत स्कूल स्तर से होती है और फिर विजेताओं के बीच ब्लॉक, जि़ला और राज्य स्तरीय मुकाबले करवाए जाते हैं।स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा गुरू साहिब को समर्पित समागमों का एक मकसद नई पीढ़ी को गुरूओं के महान जीवन से अवगत करवाकर, विद्यार्थियों की शख्शियत का विकास करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकारी स्कूल के मुखियों, अध्यापकों और अभिभावकों ने समागमों को सफल बनाने के लिए बच्चों को बढ़-चढ़ कर शिक्षा से जुड़े मुकाबलों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। श्री सिंगला ने कहा कि उन्हें गर्व है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हमेशा से ही राज्य सरकार के हर तरह के समागमों को सफल बनाने के लिए बड़ा योगदान दिया गया है।

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