व्यंजन और हस्तशिल्प स्टालों ने स्थानीय और विदेशी सैलानियों को किया आकर्षित
चंडीगढ – फ्रेंकफर्ट में भारत के कौंसलेट जनरल ने विभिन्न भारतीय राज्यों की नुमायंदगी करने वाले भारतीय ऐसोसीएशनों के साथ मिलकर एक विशाल सांस्कृतिक प्रोग्राम ‘इंडियन फैस्ट -यूनिटी इन डाइवर्सिटी’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह फैस्ट फ्रेंकफर्ट के रोसमाकर््ट और राथीनोप्लैट्ज़ में आयोजित किया गया जिसमें भारतीय समुदाय के सदस्यों और स्थानीय जर्मन और विदेशी सैलानियों के साथ-साथ तकरीबन 20,000 से अधिक लोग शामिल हुए। इस फैस्ट में सीटी कौंसिल ऑफ फ्रेंकफर्ट के चेयरमैन श्री स्टीफन सिगलर ने मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत की। सीटी ऑफ बोन्न के लॉर्ड मेयर, श्री अशोक श्रीधरन, जो जर्मनी में भारतीय मूल के इकलौते मेयर हैं, भी इस अवसर पर मौजूद थे। इनके अलावा श्री कैरी रैडिंगटन, डिप्टी चेयरमैन, विदेशी सलाहकार काऊंसल, सिटी ऑफ फ्रेंकफर्ट एम मेन भी इस अवसर पर शामिल हुए।इस समारोह के दौरान बोलते हुए कौंसल जनरल श्रीमती प्रतिभा पार्कर ने विभिन्न राज्यों के भारतीय समुदायों द्वारा एकजुट होकर इस उच्च-स्तरीय समारोह का आयोजन करने के लिए सराहना की। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने और विभिन्न भाषायी और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले भारतीय समुदायों को एकता के बंधन में बांधने के लिए भारत सरकार के प्रयासों को गर्व के साथ साझा किया। कौंसल जनरल श्रीमती पार्कर ने विज्ञान और प्रौद्यौगिकी के क्षेत्र में भारत द्वारा उठाए गए कदमों सम्बन्धी भी जानकारी साझा की।इस विशेष समारोह में भारत के विभिन्न राज्यों के संगीत और नृत्यों का प्रदर्शन किया गया जो देश की सांस्कृतिक विविधता में एकता को दर्शाता है। आतंकवाद के विरुद्ध राष्ट्रीय एकता को उत्साहित करते हुए विशेष प्रदर्शन पेश किये गए।इंडियन फैस्ट में बहुत से व्यंजन स्टालों को भी प्रशंसा मिली जो भारत के विभिन्न राज्यों के भारतीय ऐसोसीएशनों द्वारा लगाए गए थे। इस समारोह के दौरान भारत के विभिन्न क्षेत्रों से सम्बन्धित हस्तशिल्प के स्टाल भी लगाए गए।जर्मनी में ‘इंडियन फैस्ट-यूनिटी इन डाइवर्सिटी’ की सफलता का श्रेय जर्मनी में बसे भारतीयों के जोश और गतिशीलता को जाता है। इसकी सफलता का बड़ा कारण भारतीयों का स्थानीय जर्मन लोगों और विदेशी समुदायों के साथ मधुर संबंध है।