पंजाब

मंत्रीमंडल द्वारा चिडिय़ाघरों की आय विकास सोसायटी के खाते में जमा कराने की पुरानी प्रणाली फिर लागू करने का फैसला

चंडीगड़ – पंजाब मंत्रीमंडल ने राज्य के सभी चिडिय़ाघरों की प्रवेश टिकटों की आय और अन्य साधनों से एकत्रित होने वाले राजस्व को पंजाब चिडिय़ाघर विकास सोसायटी के खाते में जमा करवाने की पुरानी प्रणाली को फिर से अमल में लाने का फ़ैसला किया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान राज्य के चिडिय़ाघरों ख़ासकर छत्तबीड़ चिडिय़ाघर में आने वाले लोगों की बढ़ रही तादाद के मद्देनजऱ लिया गया। इससे चिडिय़ाघरों के रख-रखाव के लिए दिनों-दिन बढ़ रही ज़रूरतों और चुनौतियों को भी सम्मुख रखा गया है।इस कदम से चिडिय़ाघरों के अन्य सभी साधनों जैसे कि कैंटीनों, पार्किंग वाले स्थानों, सफ़ारियों और वाहनों से एकत्रित होने वाला राजस्व और फूड कोर्ट और भविष्य में अन्य किसी भी स्रोत से होने वाली आय इस सोसायटी की खाते में जमा होगी। इस फ़ैसले से 5 फरवरी, 2018 को कैबिनेट सब-कमेटी द्वारा लिया गया फ़ैसला भी मनसूख़ हो गया जिसमें सोसायटी की सारी आय राज्य सरकार के खजाने में जमा कराने की हिदायत की गई थी। यहाँ जि़क्रयोग्य है कि चिडिय़ाघरों के विकास के लिए 26 जून, 2012 को पंजाब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करके पंजाब चिडिय़ाघर विकास सोसायटी नोटीफाई की थी और एक अप्रैल, 2013 से चिडिय़ाघरों की प्रवेश टिकटों की आय सोसायटी के खातों में ही जमा कराई जा रही थी। अकाउटैंट जनरल द्वारा ऐतराज़ उठाने के बाद समुची आय को सरकारी खज़ाने में जमा कराने का फ़ैसला लिया गया था।

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