खेल

मुख्यमंत्री 9 जुलाई को 93 खिलाडिय़ों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित करेंगे: राणा सोढी

2011 से 2018 वर्ष के लिए 81 खिलाडिय़ों और 12 पुराने खिलाडिय़ों को मिलेगा पंजाब का प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार
चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह खेल में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले राज्य के 93 खिलाडिय़ों को 9 जुलाई को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। पंजाब के इस प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार को हासिल करने वाले हर खिलाड़ी को दो लाख रुपए की नगद राशि, महाराजा रणजीत सिंह जी की जंगी पोशाक में घोड़े पर सवार ट्रॉफी, ब्लेजऱ सहित पॉकिट और सक्रोल मिलेगा। यह खुलासा पंजाब के खेल और युवक मामलों बारे मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने आज यहाँ जारी प्रैस बयान के द्वारा किया।राणा सोढी ने कहा कि पंजाब सरकार खेल का स्तर ऊँचा उठाने और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए वचनबद्ध है जिसके पंजाब सरकार अंतर्गत पिछले सात सालों से लंबित पड़े महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार राज्य के खिलाडिय़ों को देने जा रही है। वर्ष 2011 से 2018 तक के लिए 81 खिलाडिय़ों का महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार के लिए चयन हुआ है जिनको राज्य सरकार 9 जुलाई को चंडीगढ़ में शानदार समारोह के दौरान सम्मानित करने जा रही है। उन्होंने कहा कि 12 अन्य पूर्व खिलाडिय़ों को भी महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है जिनको पहले ही भारत सरकार द्वारा पुरस्कार हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि नयी खेल नीति में एक बड़ा सुधार करते हुए फ़ैसला किया गया है कि पंजाब के जिस भी खिलाड़ी को भारत सरकार द्वारा पद्म पुरुस्कार या राजीव गांधी खेल रत्न पुरुस्कार या अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, वह अपने आप महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार के लिए चुना जायेगा।खेल मंत्री ने वर्ष 2011 से 2017 तक के विवरण देते हुए बताया कि वर्ष 2011 के लिए 15, वर्ष 2012 के लिए 14, वर्ष 2013 के लिए 5, वर्ष 2014 के लिए 5, वर्ष 2015 के लिए 10, वर्ष 2016 के लिए 15, वर्ष 2017 के लिए 7 और वर्ष 2018 के लिए 10 खिलाडिय़ों को महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार दिया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में पंजाब के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की शुरुआत 1978 में हुई थी और वर्ष 2010 तक 305 खिलाडिय़ों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है। यह भी गौरतलब है कि पंजाब के मौजूदा खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी जोकि अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज़ हैं, 1978 में पहले वर्ष पुरस्कार हासिल करने वाले खिलाडिय़ों में शामिल थे।

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