ई.डब्ल्यू.एस. स्कीम को समय पर लागू करने को यकीनी बनाने के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग को निर्देश
चण्डीगढ़ – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पटियाला जि़ले में बनूड़-तेपला सडक़ पर ग़ैर-कृषि मकसदों के लिए गोदाम सुविधाओं को हरी झंडी दे दी है। इसको बाद में राज्य भर में लागू किया जायेगा।मुख्यमंत्री ने राज्य में आर्थिक तौर पर पिछड़े वर्गों (ई.डब्ल्यू.एस) के लिए घर मुहैया कराने संबंधी स्कीम के अधीन ज़मीन का कब्ज़ा देने के लिए तेज़ी लाने के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग को कहा है।यह हिदायतें मुख्यमंत्री ने आज यहाँ पंजाब क्षेत्रीय और शहरी योजनाबंदी और विकास बोर्ड की 38वीं मीटिंग के दौरान जारी की।मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव आवास एवं शहरी विकास को निर्देश दिए कि वह यह यकीनी बनाएं कि सभी डिवैल्पर और मकानों का निर्माण करने वाले तुरंत अपेक्षित ज़मीन का कब्ज़ा सम्बन्धी शहरी विकास अथॉरिटी के हवाले करें जिसकी पहले ही ई. डब्ल्यू.एस. स्कीम के मकसद के लिए ले-आऊट प्लान में निशानदेही की हुई है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब क्षेत्रीय और शहरी योजनाबंदी और विकास एक्ट 1995 की धारा 76 के अधीन एकीकृत जोनिंग रैगूलेशन में ज़रूरी संशोधन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी सहमति दे दी है। इससे व्यापारिक गतिविधियों में निवेश के लिए मदद मिलेगी और नौजवानों के लिए रोजग़ार के मौके पैदा करने के अलावा गोदाम सैक्टर को बढ़ावा मिलेगा।इस फ़ैसले के साथ राज्य सरकार द्वारा विभिन्न किस्म की वस्तुओं के स्टोरेज के लिए गोदाम स्थापित करने की उद्योगपतियों और व्यापारियों की लंबे समय से लम्बित पड़ी माँग को भी पूरा किया जा सकेगा।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा शहरी विकास के लिए तैयार की गई विभिन्न नीतियों और दिशा-निर्देशों के साथ संबंधित सूचनाएँ भी जारी की। यह जल्दी ही विभाग की वैबसाईट पर भी उपलब्ध होंगी। इनका मकसद लोगों की शिकायतों के निवारण करने के लिए सरकार द्वारा की गई बहुत सी पहलकदमियों संबंधी लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उनको प्राथमिक सूचना मुहैया करवाना है।विचार-विमर्श के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव आवास एवं शहरी विकास विन्नी महाजन ने कहा कि बनूड़ में मौजूदा औद्योगिक ज़ोन के पास के क्षेत्र में औद्योगिक विकास के लिए एक नोटीफिकेशन जारी किया गया है। यह नोटीफिकेशन बोर्ड की पिछली मीटिंग में लिए गए फ़ैसले की रोशनी में जारी किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आगे बताया कि आगे और औद्योगिक विकास के मकसद के लिए रहते क्षेत्रों को भी इसके साथ जोड़ा जायेगा।बोर्ड ने पंजाब क्षेत्रीय और शहरी योजनाबंदी और विकास एक्ट 1995 की व्यवस्थाओं के अधीन दसूहा के लिए मास्टर प्लान को भी मंजूरी दे दी है।खरड़ के लिए संशोधित मास्टर प्लान भी बोर्ड के आगे रखा गया जिसने टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग को निर्देश दिए कि वह एस.ए.एस. नगर (मोहाली) के डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में गठित की गई कमेटी के आगे रखें और इस कमेटी और आम लोगों के सुझाव और ऐतराज़ों को प्राप्त करने के बाद मसौदा दस्तावेज़ में इच्छुक तबदीलियाँ की जाएँ और इसको बोर्ड की आगे आने वाली मीटिंग में रखा जाये।मीटिंग में बताया गया कि टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने राज्य में 100 मास्टर प्लानों को अंतिम रूप दिया है और इनको नोटीफायी किया है। इनमें से 25 प्लान जी.आई.एस. और राजस्व आधारित हैं। तकरीबन 50 छोटे कस्बों के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं जो जल्द ही नोटीफायी किए जाएंगे।मीटिंग में उपस्थित अन्यों के अलावा स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिन्द्रा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री सुखविन्दर सिंह सरकारिया, लोक निर्माण विभाग और स्कूल शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, मुख्य सचिव करण अवतार सिंह, विशेष मुख्य सचिव कर एम.पी. सिंह, वित्त कमिश्नर राजस्व कल्पना मित्तल बरुआ, ए.सी.एस आवास एवं शहरी विकास विन्नी महाजन, प्रमुख सचिव/मुख्यमंत्री तेजवीर सिंह, डिप्टी कमिश्नर पटियाला कुमार अमित, मुख्य प्रशासक गमाडा, पुड्डा और डायरैक्टर टाऊन एंड कंट्री प्लैनिंग धर्मवीर गुप्ता, मुख्य प्रशासक पटियाला डिवैल्पमैंट अथॉरिटी सुरभी मलिक, सी.ए. जालंधर विकास अथॉरिटी जितेन्द्र जोरवाल, मेयर नगर निगम पटियाला संजीव बिट्टू शर्मा, कमिश्नर नगर निगम पटियाला गुरप्रीत सिंह खैहरा और चीफ़ टाऊन एंड कंट्री प्लैनर गुरप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के छोटे भाई मलविन्दर सिंह भी शामल थे।