एस.सी., बी.सी. , अल्पसंख्यक और वन क्षेत्रों में की गई पहलकदमियों की प्रशंसा
चंडीगढ़
– पंजाब के सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण और अल्पसंख्यक मंत्री स. साधु सिंह
धर्मसोत ने राज्य के वित्त मंत्री स. मनप्रीत सिंह बादल द्वारा पेश किये गए
पंजाब बजट को तरक्कीपसन्द, अनुसूचित जातियों, पिछड़ीं श्रेणियों और
अल्पसंख्यक वर्ग समर्थकी और विकासमुखी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट
पंजाब की आर्थिकता को बढ़ावा देगा और सभी क्षेत्रों में तरक्की के लिए एक
नया रास्ता खोलेगा।स. धर्मसोत ने बजट को यथार्थवादी, भविष्यमुखी और समाज के
सभी क्षेत्रों के हित में बताते हुए कहा कि कैप्टन सरकार समाज के कमज़ोर
और लाभरहित वर्गों के प्रति सचेत है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने
अनुसूचित जातियों, पिछड़ीं श्रेणियों और अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु बड़ा
कदम उठाते हुए वर्ष 2019-2020 के लिए 1,228 करोड़ की राशि आरक्षित रखी है
जिससे शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक और अन्य विकास प्रोग्राम जैसी विभिन्न
कल्याण स्कीमें चलाई जाएंगी।स. धर्मसोत ने बताया कि सरकार ने एस.सी.,
बी.सी., ईसाई लड़कियों, विधवाओं/तलाकशुदा और किसी भी जाति से सम्बन्धित
विधवाओं की लड़कियों के विवाह के मौके पर ‘आशीर्वाद’ स्कीम के अंतर्गत दी
जाती शगुन की राशि के लिए 100 करोड़ रुपए का ऐलान बजट में किया है जो कि एक
प्रशंसनीय कदम है। स. धर्मसोत ने विभिन्न विकास कार्यों और कल्याण स्कीमों
के लिए वित्त मुहैया कराने के लिए वित्त मंत्री की तारीफ़ करते हुए कहा कि
इस नये बजट में अनुसूचित जातियों और अन्य पिछड़ीं श्रेणियों के साथ
सम्बन्धित पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के लिए नये 938.71 करोड़ रुपए
आरक्षित रखे गए हैं।स. धर्मसोत ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्रामीण
योजना के अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, जल स्पलाई और स्वच्छता जैसी बुनियादी
सेवाएं मुहैया करवाने और अनुसूचित जाति की घनी आबादी वाले गाँवों में
बुनियादी ढांचो की अपग्रेडेशन के लिए 30 करोड़ रुपए की राशि रखी गई है। स.
धर्मसोत ने बताया कि सरकार ने 2019 -2020 के दौरान ग्रीन पंजाब मिशन के
अंतर्गत 100 लाख पौधे और दूसरीे स्कीमों के अधीन 50 लाख पौधे विभिन्न
किसानों, स्कूलों, धार्मिक और परोपकारी संस्थाओं को मुफ़्त मुहैया करवाने
का प्रबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें
प्रकाश उत्सव के पवित्र मौके पर राज्य के हरेक गाँव में 550 पौधे लगाए
जाएंगे।