पंजाब

एन.जी.टी. की निरीक्षण कमेटी ने प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को लुधियाना में 30 जून तक तीन ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए कहा

लुधियाना में 7 फरवरी को वातावरण सम्बन्धी क्षेत्रीय कॉन्फ्ऱेंस करने का लिया फैसला
चंडीगढ़ – नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की निरीक्षण कमेटी ने सोमवार को पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पी.पी.सी.बी) को 30 जून, 2020 तक लुधियाना में कपड़ा रंगने वाली इकाईयों के लिए तीन साझे ट्रीटमेंट प्लांट (सी.ई.टी.पीज़) स्थापित करने के हुक्म देते हुए पानी के प्रदूषण को रोकने के मद्देनजऱ नदियों के साथ लगते क्षेत्रों में स्थित उद्योगों का बाकायदा निरीक्षण करने के लिए कहा।अपनी 8वीं मीटिंग के दौरान पंजाब की नदियों को साफ़ -सुथरा रखने के लिए लागू करने वाली कार्य योजना की प्रगति का जायज़ा लेते हुए एनजीटी समिति के चेयरमैन जस्टिस जसबीर सिंह ने सी.ई.टी.पीज़ को समय पर मुकम्मल करने के लिए पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को निर्देश जारी करते हुए सम्बन्धित विभागों को इसका पालन करने के लिए कहा। प्रदूषण रोकथाम सम्बन्धी कार्य योजनाओं के निश्चित समय, प्रदूषित नदियों के पानी के शोधन सम्बन्धी प्रगति, विभिन्न सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एस.टी.पी.) का कामकाज, उद्योगों में स्थापित ट्रीटमेंट प्लांट (ई.टी.पी.) और नवंबर, 2019 के दौरान औद्योगिक, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शोध सहूलतें स्थापित करने के लिए विभिन्न विकास कार्यों का भी समिति ने जायज़ा लिया। सम्बन्धित विभागों की तरफ से समिति के क्षेत्रीय दौरे के दौरान फ़ैसलों /सिफ़ारिशों पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।निरीक्षण कमेटी ने जानकारी दी कि एस.टी.पीज़ के द्वारा पालन न करने की दर में अप्रैल, 2019 में 45 प्रतिशत के मुकाबले नवंबर, 2019 में 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है क्योंकि प्रभावशाली निगरानी और कार्यशील ढंगों में सुधार हुआ है। आई.आई.टी. रोपड़ ने इलैक्ट्रोप्लेटिंग ईकाईयों के औद्योगिक अवशेष के प्रबंधन योजना और लुधियाना में स्थापित सीईटीपी के कामकाज सम्बन्धी पेशकारी दी। समिति ने ऑनलाईन निगरानी के लिए एकीकृत डैशबोर्ड के विकास, 11 वॉटर क्वालिटी मोनिटरिंग स्टेशनों की स्थापना, ई.पी.एम.एस के लिए पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए कम कीमत वाले सैंसरों के विकास और मैनेजमेंट इन्फर्मेशन सिस्टम (एम.आई.एस) की प्रगति का भी जायज़ा लिया। प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों और सरकार की तरफ से की जा रही कार्यवाही संबंधी जागरूक करने के लिए 7 फरवरी, 2020 को लुधियाना में वातावरण सम्बन्धी क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस करवाने का भी फ़ैसला लिया गया।इस मीटिंग में मौजूद समिति के मैंबर में पूर्व मुख्य सचिव (पंजाब) सुबोध अग्रवाल, प्रसिद्ध वातावरण प्रेमी संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और पीपीसीबी के पूर्व मैंबर सचिव बाबू राम, विज्ञान, प्रौद्यौगिकी और वातावरण विभाग के प्रमुख सचिव आर.के. वर्मा, प्रमुख सचिव (स्थानीय निकाय विभाग) ए.वेनू प्रसाद, पी.पी.सी.बी. के चेयरमैन डॉ. एसएस मारवाहा और नगर निगम लुधियाना के अतिरिक्त कमिश्नर सन्याम अग्रवाल शामिल थे।

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