पंजाब

तन्दुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत धुंध की स्थिति के दौरान सडक़ दुर्घटनाओं को टालने के लिए एडवाईजऱी जारी

चंडीगढ़ – तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी डिप्टी कमीश्नरों को एडवाईजऱी जारी करते हुए मिशन डायरैक्टर काहन सिंह पन्नू ने बताया कि सर्दियों के मौसम में ख़ास तौर पर धुंध की स्थिति के दौरान सडक़ सुरक्षा को बरकरार रखना राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। सडक़ों पर हो रहे जानी नुकसान के मद्देनजऱ सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सार्थक कदम उठाने की ज़रूरत है। राज्य में धुंध की स्थिति के दौरान घटते हादसों को टालने के लिए परिवहन विभाग, पुलिस, भारतीय राजमार्ग अथॉरिटी, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और चौकन्ने रहने और हादसा घट जाने की स्थिति में समय पर बचाव कार्य शुरु करने की सलाह दी गई है।उन्होंने बताया कि इसके अलावा डिप्टी कमीश्नरों को जिला स्तर पर उठाए जाने वाले कुछ उपाय सुझाए गए हैं। जिनमें सडक़ों के चौराहों पर ट्रैफिक़ लाईटों का सही काम करना, एमरजैंसी वाहनों जैसे ऐंबूलैंसों और रिकवरी वैनों की उपलब्धता के साथ-साथ चालकों की चौबीस घंटे उपलब्धता और इन वाहनों में सहायक स्टाफ की मौजुदगी को यकीनी बनाना शामिल है। इसके अलावा सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के अंतर्गत सभी स्कूल बसों के चालकों को सर्दियों के मौसम के दौरान सडक़ सुरक्षा के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। स्कूल बस चालकों को विशेष तौर पर निर्देश दिया जाये कि वाहनों की गति निर्धारित सीमा के अंदर रखी जाये और ऐसे वाहनों पर फोग लाईटों के प्रयोग को यकीनी बनाया जाये।यह सुझाव भी दिया गया है कि सडक़ों के डाइवरजऩ पर खासकर निर्माणाधीन सडक़ वाले स्थानों पर उचित संकेत लगाए जाने चाहिए। इसके अलावा पुलिस नाकों / बैरियरों के पास रिफलेक्टर / फ्लैशिंग लाईटें होनी चाहीए। श्री पन्नू ने बताया कि यह भी सिफ़ारिश की गई है कि सडक़ के किनारों, खासकर ढाबों पर वाहनों की अनाधिकृत पार्किंग को नियमित गश्त के द्वारा रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाहन के आकार से अधिक माल रखने वाले वाहन बंद किये जाएँ क्योंकि इनको चलाने की मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत भी आज्ञा नहीं है।एडवाईजऱी में राजमार्गों पर दुर्घटनाओं वाले संवेदनशील स्थानों पर और ज्य़ादा चौकसी कायम रखने का सुझाव दिया गया है जिन स्थानों की पहचान पहले ही जि़लों में तैनात ट्रैफिक़ पुलिस और सडक़ सुरक्षा इंजीनियरों द्वारा की गई है। पन्नू ने कहा कि आवारा पशु हादसों का बड़ा कारण हैं। इसलिए खासकर मुख्य सडक़ों और शहरों में आवारा पशुओं को काबू करने के लिए कार्यवाही की जानी चाहिए। इसके साथ यह भी कहा गया है कि हादसा ग्रसित वाहनों को हाईवे से तुरंत हटाया जाये जिससे वह तेज़ रफ़्तार वाहनों के सडक़ हादसों का कारण न बनें।श्री पन्नू ने बताया कि डिप्टी कमीश्नरों को विनती की गई है कि इस सर्दी में धुंध की स्थिति के दौरान सडक़ हादसों को रोकने के लिए सभी हिस्सेदार विभागों को जागरूक करने के मद्देनजऱ जल्द ही एक मीटिंग की जाये।

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