पंजाब

कैबिनेट सब कमेटी द्वारा आवारा पशुओं के खतरे से निपटने के लिए सभी विभागों द्वारा साझी कार्यवाही करने का न्योता

ब्रह्म मोहिन्द्रा ने कमेटी की पहली मीटिंग की की अध्यक्षता

चंडीगढ़ – पंजाब सरकार के 4 सीनियर मंत्रियों के सम्मिलन वाली कैबिनेट सब-कमेटी ने आज राज्य में आवारा पशुओं से पैदा हुए गंभीर सामाजिक-आर्थिक खतरे को रोकने के लिए पंजाब सरकार के सभी विभागों द्वारा साझी कार्यवाही करने का न्योता दिया। कैबिनेट सब-कमेटी की यह पहली मीटिंग थी जिसकी अध्यक्षता श्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने की। इस कमेटी में स्थानीय निकाय मंत्री श्री ब्रह्म मोहिन्द्रा, पशु पालन मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला शामिल हैं।स्थानीय निकाय विभाग के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि श्री ब्रह्म मोहिन्द्रा ने पशु पालन विभाग के सचिव को आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए अन्य राज्यों द्वारा अपनाई जा रहीं तकरीबों का अध्ययन करने और कैबिनेट सब-कमेटी के पास विचार के लिए कोई उपयुक्त हल पेश करने की हिदायत की।कैबिनेट सब-कमेटी ने राज्य के किसी भी क्षेत्र से आवारा पशुओं से सम्बन्धित किसी असुखद घटना के सामने आने पर स्थानीय निकाय और पशु पालन विभाग के अधिकारियों को जवाबदेह बनाने का फ़ैसला किया। मीटिंग के दौरान यह फ़ैसला लिया गया कि जिस अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में ऐसी कोई भी असुखद घटना घटने का मामला सामने आया तो सम्बन्धित अधिकारी को निजी तौर पर जि़म्मेदार ठहराया जायेगा और उसके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जायेगी। इसी तरह कैबिनेट सब-कमेटी ने उम्मीद ज़ाहिर की कि जि़ला प्रशासन प्रमुख और पशु कल्याण सोसायटी और डिप्टी कमीश्नरों को ज़मीनी हकीकतों संबंधी बेहतर जानकारी दी गई और वह आवारा पशुओं के खतरे से निपटने के लिए स्थानीय कार्यकारी रणनीति तैयार करने की स्थिति में थे।मीटिंग की शुरुआत में पशु पालन विभाग के सचिव श्री राज कमल चौधरी ने कमेटी को बताया कि इस समय राज्य के हर जिले में जिला पशु कल्याण सोसायटी (डी.ए.डब्ल्यू.एस.) की निगरानी अधीन एक-एक सरकारी गौशाला चलाई जा रही गई है। उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर इन डी.ए.डब्ल्यू.एस. के प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि इस समय पर सरकारी तौर पर चल रही गौशालाओं में 11000 के करीब आवारा पशु हैं। इसके अलावा एन.जी.ओज़ और अन्य सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के अधीन राज्य में 418 निजी गौशालाएं चलाईं जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इन निजी गौशालाओं में लगभग 1 लाख आवारा पशु हैं।प्रवक्ता ने आगे बताया कि कैबिनेट सब-कमेटी की यह पहली मीटिंग है और कमेटी भविष्य में नियमित तौर पर मीटिंग करेगी जिससे कीमती मानवीय जीवन को बचाने के लिए आवारा पशुओं की समस्या से पूरी तरह निपटने के तरीकों और साधनों के सुझाव दिए जा सकें।

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