चंडीगढ़ – स्थानीय उद्योग को उत्साहित करते हुए निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा सार्वजनिक खरीद (मेक इन पंजाब को प्राथमिकता) आदेश 2019 नोटफाई किया गया है। यह कदम राज्य सरकार के विभाग और इसकी एजेंसियों द्वारा की जा रही सार्वजनिक खरीद में क्षेत्र को खरीद सम्बन्धी प्राथमिकता देने के अलावा रोजग़ार के अवसर पैदा करने और आय में वृद्धि को यकीनी बनाएगा।इस संबंधी जानकारी देते हुए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के राज्यपाल द्वारा इस आदेश को मंजूरी मिलने के बाद इस सम्बन्धी नोटिफिकेशन पहले ही जारी किया जा चुका है।अगर सप्लायर का खरीद के लिए पेश किया गया उत्पाद इस आदेश के अंतर्गत या समर्थ विभागों द्वारा निर्धारित कम से कम स्थानीय सामग्री की शर्त को पूरा करता हो तभी उस सप्लायर को स्थानीय सप्लायर माना जायेगा।राज्य सरकार की औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने की वचनबद्धता को दोहराते हुए विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनी महाजन ने विश्वास जताया कि विभाग द्वारा शुरू किये गए विभिन्न उद्योग समर्थकीय प्रयास औद्योगीकरण की प्रक्रिया में तेज़ी लाएंगे जिसका समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा।प्रवक्ता ने आगे बताया कि राज्य सरकार के नियंत्रण अधीन खरीद एजेंसियों द्वारा की गई पूरी खरीद प्रक्रिया में स्थानीय सप्लायरों को खरीद सम्बन्धी प्राथमिकता दी जायेगी। टैंडर/बोली प्रक्रिया के समय स्थानीय उत्पादक /सप्लायरों को स्वै-प्रमाण पत्र प्रदान करने की ज़रूरत होगी कि पेश की गई चीज़ कम से कम स्थानीय सामग्री की शर्त को पूरा करती हो और इसके अलावा उस स्थान का विवरण देती है जहाँ लोकल वैल्यु एैडिशन की गई है।प्रवक्ता ने बताया कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर अगर किसी भी खरीद एजेंसी द्वारा किसी सप्लायर पर रोक लगाई गई हो तो वह इस आदेश के अधीन रोक की सीमा तक किसी अन्य खरीद एजेंसी द्वारा खरीद प्रक्रिया में प्राथमिकता के योग्य नहीं होगा। कंट्रोलर ऑफ स्टोरज़ के अधीन गठित कमेटी को सप्लायरों पर लगाई रोक सम्बन्धी सभी मामलों को पढऩे के लिए अधिकारित किया गया है। वित्त विभाग, आबकारी और कर कमिश्नर और कंट्रोलर प्रिटिंग और स्टेशनरी के नामज़द व्यक्तियों के अलावा अतिरिक्त कंट्रोलर, कंट्रोलर ऑफ स्टोरज़ (मैंबर सचिव) और डायरैक्टर प्रशासनिक सुधारों के नामज़द व्यक्ति इस कमेटी के अन्य मैंबर हैं