चंडीगढ़ – सिखस फॉर जस्टिस (एस.जे.एफ.) द्वारा बर्मिंघम में बीती रात मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के प्रोग्राम वाले स्थान के बाहर किया गया कथित रोष प्रदर्शन नकारात्मक समर्थन के कारण बुरी तरह फेल साबित हुआ। इस प्रदर्शन की असफलता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्थानीय सिख भाईचारे द्वारा बिल्कुल भी इसको समर्थन या सहयोग नहीं दिया गया। यह जानकारी पंजाब सरकार के प्रवक्ता द्वारा दी गई।प्रवक्ता ने बताया कि प्रदर्शनकारियों का जलसा था जिनको किसी भी मशहूर या सच्चे दिल से कोई सहयोग नहीं मिला जिस कारण वह मुख्यमंत्री के प्रोग्राम में किसी भी तरीके से अड़चन डालने में सफल नहीं हो सके। प्रवक्ता ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पूरे समागम में शिरकत की और वह करीब तीन घंटे समागम में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यह कथित प्रदर्शनकारी थे जिनको पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।मुख्यमंत्री ने समागम के दौरान भारतीय भाईचारे को संबोधित करते हुये एस.जे.एफ. को पूरी तरह नकारते हुये कहा था कि आई.एस.आई. के समर्थन वाले इस कट्टर आतंकवादी संगठन का कोई वैचारिक आधार नहीं है। इस संस्था का सिख पंथ में फूट डाल कर पंजाब और भारत को बांटने के अलावा और कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि इनके ऐसे नापाक मंसूबे भारत की एकता और शक्ति को नहीं तोड़ सकते।मुख्यमंत्री ने यह साफ़ किया कि शान्ति और सदभावना को ऐसे किसी भी खतरे से निपटने के लिए पंजाब और भारत देश पूरी तरह समर्थ है।