चंडीगढ़ – राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मज़बूती देने के उद्देश्य से पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सोमवार को ऐलान किया कि 1 दिसंबर तक मरीज़ों की सारी जानकारी ऑनलाइन रजिस्टर की जायेगी।यहाँ परिवार कल्याण भवन में उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता के बाद इसका ऐलान करते हुये बलबीर सिंह सिद्धू ने ज़ोर देते हुये कहा कि यह कदम राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।गौरतलब है कि इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री ने रिकॉर्ड को हाथों से दर्ज करने के कारण इलाज में देरी सम्बन्धी मरीज़ों की चिंताओं को दूर करने के लिए विभाग को एक संयुक्त प्रणाली लाने के निर्देश दिए। विभाग ने पी.जी.आई. के मॉडल का अध्ययन किया और ऐसे मॉडल का सुझाव दिया जो एक क्लिक से मरीज़ों की सारी जानकारी मुहैया करवा सकता है।स. बलबीर सिंह सिद्धू ने आगे कहा कि यह अतीत बन जायेगा जब ज़रूरतमन्द मरीज़ों को इलाज के लिए अपना मैडीकल रिकॉर्ड पास रखने के लिए बहुत परेशानी झेलनी पड़ती थी और यह राज्य भर में आम बीमारियों को श्रेणीबद्ध करने में भी मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि एक महीने के अंदर सभी सब डिविजऩल अस्पताल भी ऑनलाइन प्रणाली से जुड़ जाएंगे और स्वास्थ्य विभाग की लैबॉट्रियांं 3 महीने के समय के अंदर इस प्रणाली के अधीन होंगी।दवाओं की कमी के मुद्दे के स्थायी तौर पर हल करने के लिए मंत्री ने कहा कि पंजाब हैल्थ सिस्टम कोर्पोरेशन सभी सरकारी अस्पतालों को ऑनलाइन सरवर के साथ जोडऩे जा रही है जो ख़ुद ही दवाओं का आर्डर जनरेट करेगी और साथ ही अपने आप दवाओं के री-आर्डर के स्तर संबंधी भी अवगत करवाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली लगभग 2500 किस्मों की मुफ़्त दवाओं के भंडारण पर भी निगरानी रखनी आसान हो जायेगी। मीटिंग में नवंबर महीने के दौरान डेंगू के बढ़े हुए मामलों पर विचार विमर्श करते हुए यह कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग की कारगुजऱी मरीज़ों के टैस्ट और इलाज से शुरू होती है जबकि डेंगू के मामलों को रोकना और मच्छरों की पैदावार को ख़त्म करना स्थानीय निकाय और ग्रामीण विकास विभाग के क्षेत्र में आता है। इस पर यह भी ज़ोर दिया गया कि स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तर की टीमें प्रवासी आबादियों वाले इलाकों की तरफ विशेष ध्यान दें जहाँ से सबसे अधिक डेंगू के मामले रिपोर्ट किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहरी इलाकों में स्थानीय निकाय और ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण विकास विभाग भी मुस्तैदी से डेंगू का ख़ात्मा किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही स्वाइन फ्लू का सीजन भी आने वाला है जिस के लिए केवल समय पर की गई रिपोर्टिंग और इलाज के साथ स्वाइन फ्लू के प्रभाव को कंट्रोल किया जाये जिसके लिए मंत्री ने स्वाइन फ्लू के शक्की मामलों को अलग तौर पर इलाज मुहैया करवाने के लिए फ्लू कार्नर स्थापित करने के भी निर्देश दिए।स. बलबीर सिंह सिद्धू ने हैल्थ और वैल्लनैस सेंटरों की कारगुज़ारी की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जनों को ग़ैर-संचारी बीमारियों के सर्वेक्षण को यकीनी बनाने के लिए कहा जिससे शुगर और हाइप्रटेंशन और अन्य आम बीमारियों से प्रभावित होने वाले नये मरीज़ों को पहले पड़ाव पर ही इन केन्द्रों में स्वास्थ्य सहूलतें मुहैया करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य में 1369 हैल्थ और वैलनैस सैंटर कार्यशील हैं और अब यह सीनियर मैडीकल अफसरों की ड्यूटी बनती है कि वह कम्युनटी हैल्थ अफसरों और अन्य सम्बन्धित स्टाफ की हाजिऱी और लोगों का इलाज यकीनी तौर पर करवाएं। उन्होंने सिविल सर्जनों को यह भी हिदायतें जारी की कि मैडीकल और पैरा मैडीकल स्टाफ की अलग तौर पर पहचान करने के लिए वह हर समय आईडैंटटी कार्ड पहनेें और उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकारी अस्पतालों में यूनीफ़ॉर्म के लिए बजट जारी किया जायेगा। मीटिंग में पी.सी. एंड पी.एन.डी.टी. एक्ट, जँच्चा बच्चा स्वास्थ्य संभाल प्रोग्राम, सरबत सेहत बीमा योजना, टी.बी. कंट्रोल प्रोग्रराम, कैंसर कंट्रोल प्रोग्राम आदि की भी समीक्षा की गई।इस मौके पर अन्यों के अलावा विशेष तौर पर चेयरमैन पंजाब हैल्थ सिस्टम कोर्पोरेशन, अमरदीप सिंह चीमा, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अनुराग अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एम.डी. कुमार राहुल, पंजाब सिस्टम कोर्पोरेशन के एम.डी. मनवेश सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री के राजनैतिक सचिव हरकेश चंद शर्मा, ओ.एस.डी. डा. बलविन्दर सिंह, डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं अवनीत कौर, डायरैक्टर परिवार कल्याण रीटा भारद्वाज मौजूद थे।