केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी. प्रबंधन पर नियंत्रण को बनाए रखते हुए चुनिंदा सार्वजनिक उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी को घटाकर किया 51 फीसदी से नीचे. नुमालीगढ़ रिफाइनरी की हिस्सेदारी को छोड़कर बीपीसीएल में प्रबंधन नियंत्रण सौंपने के साथ रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी. प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिये किया जाएगा 1.2 लाख टन प्याज का आयात.कैबिनेट ने बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) समेत 5 सरकारी कंपनियों में स्ट्रैटेजिक विनिवेश को मंजूरी दे दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैबिनेट ने BPCL, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) और कॉनकोर (CONCOR) में विनिवेश को मंजूरी दी है. वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ CPSEs में हिस्सा 51% से घटाने को मंजूरी दी है. हालांकि इनमें मैनेजमेंट कंट्रोल सरकार के पास रहेगी.
नुमालीगढ़ रिफाइनरी नहीं बेचेगी सरकार
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार बीपीसीएल में स्ट्रैटजिक विनिवेश करेगी, लेकिन बीपीसीएल का एक हिस्सा आसम में नुमलीगढ़ा रिफाइनरी (NRL) को सरकार नहीं बेचेगी. उन्होंने कहा, नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड की 61.65 फीसदी हिस्सेदारी नहीं बेची जाएगी. इसमें सरकार की हिस्सेदारी रहेगी. बीपीसीएल का पूरा मैनेजमेंट कंट्रोल ट्रांसफर होगा.
इन कंपनियों में हिस्सेदारी घटाएगी सरकार
वित्त मंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने 7 CPSEs में विनिवेश को मंजूरी दी है. कैबिनेट ने SCI में 63.75 फीसदी हिस्सेदारी औऱ कॉनकोर में 30.8 फीसदी हिस्सेदारी घटाने की मंजूरी दी. खरीदार को SCI का मैनेजमेंट कंट्रोल भी मिलेगा. नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) की 100 फीसदी हिस्सेदारी NTPC को दी जाएगी. वहीं टीएचडीसीएल इंडिया लिमिटेड (THDCIL) का मैनेजमेंट कंट्रोल भी NTPC को मिलेगा.