पंजाब

पंजाब द्वारा ‘इनोवेशन और टैकनॉलॉजी सम्मेलन 2019’ की तैयारियां मुकम्मल

प्रमुख सचिव द्वारा अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ 5 नवंबर के सम्मेलन से पहले विचार-विमर्श
चंडीगढ – पंजाब सरकार ने रोजग़ार पैदा करने, आर्थिकता को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धा को उत्साहित करने के लिए ‘मिशन इनोवेशन पंजाब’ के अंतर्गत 5 नवंबर, 2019 को ‘इनोवेशन और टैकनॉलॉजी सम्मेलन 2019’ कराने की तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं।यहाँ पंजाब भवन में अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान इस मेगा सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा करते हुये विज्ञान, प्रौद्यौगिकी और पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव श्री राकेश वर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षा शास्त्रियों, शोधकर्ताओं, उद्योगपतियों और पर्यावरण प्रेमियों को एक मंच मुहैया कराएगा, जिसके द्वारा एक व्यापक नीति बना कर पंजाब को विकास की शिखर पर पहुँचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन पंजाब चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहयोग से कराया जा रहा है और इसका उद्देश्य पंजाब को नवीनता और अनुसंधान में सांसारिक नक्शे पर उभारना है।मीटिंग के दौरान सम्मेलन की रूप-रेखा पर व्यापक विचार-चर्चा की गई। इस सम्मेलन में नवीनता और अकादमिक क्षेत्र पर ध्यान केन्द्रित किया जायेगा, जिससे अनुसंधान और इसको कमर्शियल बनाने के कार्य को बढ़ावा मिलेगा। यह सैशन यूनिवर्सिटियों को सफलतापूर्वक व्यावसायीकरण समेत विभिन्न क्षेत्रों में इसके अमल के साथ अपने क्षेत्र के विकास के लिए भी प्रेरित करेगा। इसी तरह उद्घाटनी सैशन ‘लीवरेजिंग पंजाब एज लैंड ऑफ अपौरचुनिटीज़ फॉर इनोवेशन’ पर आधारित होगा जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा मिशन इनोवेट पंजाब के लांच के साथ की जायेगी।‘साझ के लिए सांसारिक अवसरों की तलाश’ संबंधी तकनीकी सैशन के विषय पर श्री राकेश वर्मा ने कहा कि यह सैशन अनुसंधान सम्बन्धी ज़रूरतों की पूर्ति के लिए ऐरोस्पेस, रोबोटिक्स, बुनियादी ढांचा, विघटनकारी प्रौद्यौगिकी और अनुसंधान सामथ्र्य के प्रयोग के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग पैदा करने के लिए एक तंदुरुस्त मंच प्रदान करेगा। इस सम्मेलन में यूनिवर्सिटियों, संस्थाओं, उद्योगों और स्टार्ट-अप्पज़ द्वारा अनुसंधान और नवीनता से सम्बन्धित तकरीबन 40 प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी।इस मीटिंग में तकनीकी क्षेत्र की 26 संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने शिरकत की, जिनमें आई.आई.टी. रोपड़, आई.आई.एस.ई.आर. मोहाली ; आई.आई.एम. अमृतसर, एन.ए.बी.आई, मोहाली ; आई.एन.एस.टी, मोहाली ; आईऐमटैक, चंडीगढ़ ; पी.टी.यू., बठिंडा ; पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला ; गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर ; डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी, जालंधर ; एल.पी.यू. जालंधर ; केंद्रीय यूनिवर्सिटी, बठिंडा ; पी.ए.यू, लुधियाना ; बी.एफ.यू.एच.एस, फरीदकोट ; चितकारा यूनिवर्सिटी, राजपुरा ; चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, घड़ूआं ; एन.आई.टी. जालंधर ; पी.ई.सी., चंडीगढ़ आदि शामिल हैं।

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