जीवन शैली

पंजाब में ‘पोषण माह ’ की बड़े स्तर पर शुरूआत

इस नेक पहल को लोक लहर बनाया जायेगा: अरुणा चौधरी

चंडीगढ़ – पोषण अभियान के हिस्से के तौर पर आज पंजाब में ‘पोषण माह ’ की बड़े स्तर पर शुरुआत कर दी गई है। यह पूरे सितंबर माह के दौरान मनाया जायेगा और इसका प्रारंभिक उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोर लड़कियों और बच्चों के पौष्टिक भोजन को यकीनी बनाना है।राज्यभर में शुरू किये जा रहे ‘पोषण माह ’ के मौके पर खुलासा करते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने कहा कि यह बहुत संतोषजनक बात है कि सभी जि़ला प्रशासनों ने मिशन की भावना के साथ ‘पोषण माह ’ मनाने के लिए शुरुआत कर दी है। इस सम्बन्ध में विभिन्न प्रोग्राम शुरू किये गए हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए फलों और सब्जियों के साथ ‘सुपोषण गोद भराई ’ शुरू किया गया है जबकि दूध के अलावा पहली बार भोजन लेने वाले बच्चों के लिए अन्नप्राशन की शुरुआत की गई है। स्वास्थ्य की महत्ता और पौष्टिकता की शिक्षा सम्बन्धी लैक्चर शुरू किये गए हैं। इसके अलावा प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना कैंप, पोषण रैलियाँ, आई.एफ.ए की गोलियों के वितरणका भी प्रोग्राम बनाया गया है। यह सारी मुहिम ब्लॉक स्तरों तक चलाई जायेगी। आज के समारोह की मुख्य विशेषता सम्बन्धित डीपीओ द्वारा पीपीटी प्रस्तुति थी जिसका उद्देश्य पोषण अभियान संबंधी लोगों को जागरूक और संवेदनशील बनाना है। इसके अलावा पौष्टिकता और स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसकी प्रशंसा अमृतसर के एम.पी श्री गुरजीत सिंह औजला और एमएलए अमृतसर उत्तरी श्री सुनील दत्ती और अन्य अधिकारियों ने की। इस नई पहल को एक लोक लहर बनाने पर ज़ोर देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य, जि़ला, ब्लॉक और गाँव स्तर पर जोरदार मुहिम चलाई जायेगी जिससे लोगों को पोष्टिक भोजन संबंधी जागरूक किया जा सके।राज्य सरकार की कार्य योजना पर प्रकाश डालते हुए चौधरी ने कहा कि इस सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल पैदा किया जायेगा जिससे ‘पोषण माह’ को सफल बनाया जा सके। इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष चैकअप कैंप आंगनवाड़ी केन्द्रों में लगाए जाएंगे और स्वस्थ्य व पौष्टिकता संबंधी बढ़ावा दिया जायेगा। इस सम्बन्धी मुहिम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया, कम्युनिटी रेडियो और नुक्कड़ नाटकों की महत्ता पर ज़ोर देते हुए मंत्री ने कहा कि इनसे राज्य सरकार की मुहिम को आगे चलाया जायेगा और राज्य के कोने-कोने में पौष्टिक भोजन पहुंचाने के नारे को पहुँचाया जायेगा।श्रीमती चौधरी ने आगे बताया कि इस दौरान स्वस्थ्य और पौष्टिकता संबंधी राज्य की शिक्षा संस्थानों में बहस और पैनल चर्चाएं करवाई जाएंगी। इसके साथ ही स्व -सहायता ग्रुपों, कृषि सोसाइटियों, सहकारिता सोसाइटियों, आशा वर्कर, एएनएम और आंगनवाड़ी वर्करों की सेवाएं ली जाएंगी।

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