पंजाब और ओडीशा के सहकारिता मंत्रियों ने किसानी को बचाने के लिए सहकारिता लहर मज़बूत करने की की वकालत
चंडीगढ़ – ‘‘सहकारिता क्षेत्र में देश भर के राज्यों के लिए राजस्व का मुख्य स्रोत बनने का अधिक सामथ्र्य है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए समूह राज्यों के सहकारिता मंत्रियों का औपचारिक और अनौपचारिक मंच बनाना बेहद ज़रूरी है जहाँ भारत सरकार को सिफ़ारिशें भेजने के लिए राज्य की मुश्किलें और ज़रूरतों पर विचार किया जा सके।’’ यह बात पंजाब के सहकारिता मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने अपने तीन दिवसीय ओडीशा दौरे के आखिरी दिन ओडीशा के सहकारिता और खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री श्री रणइंदर प्रताप स्वैन से मुलाकात के उपरांत कही। श्री स्वैन ने स. रंधावा द्वारा पेश किये गए इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।सहकारिता मंत्री के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने ओडीशा स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, डी.सी.सी.बी. के मुख्य कार्यालय और जिला खोरधा में इसकी महिला ब्रांच और शिशुपाल गढ़ में प्राईमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसायटी (पी.ए.सी.एस.) का दौरा किया वहाँ के कम्प्यूट्रीकृत सिस्टम का अध्ययन किया। स. रंधावा ने इस दौरे के दौरान ओडीशा की कोर बैंकिंग सल्यूशन सिस्टम संबंधी भी जानकारी हासिल की और ज़मीनी स्तर पर जानकारी लेने के लिए उन्होंने सोसायटियों के सचिवों और विभिन्न बैंकों की ब्रांचों के सेल्ज़मैनज़ के साथ बातचीत की।स. रंधावा द्वारा पंजाब सरकार के सहकारिता क्षेत्र में उठाए गए नवीन कदमों संबंधी जानकारी देने पर ओडीशा के सहकारिता मंत्री श्री स्वैन ने इन कोशिशों की सराहना की। उन्होंने माना कि किसानी और ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिकता को पटरी पर लाने के लिए सहकारिता लहर को मज़बूती से खड़ा करने की ज़रूरत है। दोनों मंत्रियों के इस मामले पर एक ही राय थी कि सहकारिता क्षेत्र किसानी की रीड़ की हड्डी है जिसको मज़बूत किये बिना किसानों का फ़ायदा संभव नहीं और किसानी की मज़बूती ही देश की आर्थिकता को मज़बूत बना सकती है क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है।मीटिंग के दौरान दोनों मंत्रियों ने ओडीशा के स्टेट कोऑपरेटिव बैंक और सहकारिता विभाग द्वारा पहलकदमियों की प्रशंसा की। स. रंधावा ने ख़ुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि यह तजुर्बा काफ़ी सीखने योग्य रहा है और भरोसा दिलाया कि वह ओडीशा द्वारा अपनाए जा रहे उत्तम अभ्यासों को लागू करेंगे।स. रंधावा के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल में रजिस्ट्रार पंजाब की सहकारी सभाओं के रजिस्ट्रार श्री विकास गर्ग, पंजाब राज्य सहकारी बैंक के एम.डी. डॉ. एस.के. बातिश, मुख्य सूचना प्रौद्यौगिकी अधिकारी श्री पी.एम.एस. मल्ल, सीनियर आई.टी. अधिकारी श्री संजय गुप्ता और पंजाब राज्य कोऑपरेटिव बैंक के कंसलटेंट श्री के.एस. पांडे शामिल थे।