भारत

कर्नाटक विधायकों के इस्तीफे पर उच्चतम न्यायालय का फैसला आज

कर्नाटक के विधायकों के इस्तीफे पर आज सर्वोच्च न्यायालय सुनाएगा अपना फैसला, शीर्ष अदालत ने मंगलवार को हुई बहस के बाद फैसला रखा सुरक्षित, इस बीच राज्य सरकार विधानसभा में कल करेगी विश्वास मत का सामना।कर्नाटक के सियासी नाटक में मंगलवार को कुछ फैसला आने की उम्मीद थी लेकिन सबकी बातें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान बागी विधायकों का पक्ष रखते हुए मुकुल रोहतगी ने कहा की बागी विधायकों को सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, तो वहीं विधानसभा अध्‍यक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि स्‍पीकर को समयबद्ध तरीके से मामले को तय करने के लिए नहीं कहा जा सकता है। इस मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा ।गौरतलब है कि राज्य के 10 बागी विधायकों के बाद कांग्रेस के पांच अन्य विधायकों ने 13 जुलाई को शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि विधानसभा अध्यक्ष उनके त्यागपत्र स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 12 जुलाई को कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के आर रमेश कुमार को 16 जुलाई तक कांग्रेस – जेडीएस गठबंधन के 10 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के मामले में किसी भी तरह के निर्णय लेने से रोका था। विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार अल्पमत में आ गयी है और उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं करके अध्यक्ष विश्वास मत के दौरान सरकार के पक्ष में मत देने के लिये दबाव बना रहे हैं।रोहतगी ने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्यता की कार्यवाही संक्षिप्त सुनवाई है और इस्तीफे का मामला अलग है और इन्हें स्वीकार करने का एकमात्र आधार होता है कि ये स्वेच्छा से दिये गये हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि अयोग्यता की कार्यवाही और कुछ नहीं बल्कि बागी विधायकों के इस्तीफों को निष्प्रभावी बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि अयोग्यता की कार्यवाही सदन में पार्टी के प्रति अनुशासित नहीं रहने के लिये की जाती है न कि सदन के बाहर बैठकों में शामिल होने के लिये। रोहतगी ने कहा कि कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत होना है और बागी विधायकों को इस्तीफा देने के बावजूद व्हिप का पालन करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कोई यह नहीं कह सकता कि अध्यक्ष से गलती नहीं होती लेकिन उन्हें समय सीमा के भीतर मामले का फैसला लेने के लिये नहीं कहा जा सकता। स्पीकर की ओर से कहा कि बागी विधायकों की अयोग्यता और उनके त्याग पत्र के मामले में वह बुधवार तक निर्णय ले लेंगे। साथ ही अध्यक्ष ने न्यायालय से इस मामले में यथास्थिति बनाये रखने के पहले के आदेश में उचित सुधार करने का अनुरोध किया।उधर कर्नाटक में सियासी माहौल गर्म बना हुआ है । दोनों ही पक्षों के विधायकों को रिसोर्ट और होटलों में रखा गया है । कांग्रेस की ओर से तो कई बार विधायकों का होटल बदला गया । वहीं कल रात कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग को पोंजी स्कीम से जुडे मामले में एसआईटी ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया । बाद में उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया । रोशन बेग के साथ ही बीजेपी ने इस मामले में कुमारस्वामी सरकार पर हमला बोला है जबकि कांग्रेस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सरकार बहुमत साबित कर देगी ।कुल 16 विधायकों के इस्तीफे के बाद कर्नाटक सरकार गिरने के कगार पर है । इनमें से 13 विधायक कांग्रेस के हैं और तीन विधायक जेडीएस के हैं। दो निर्दलीय विधायकों ने भी गठबंधन सरकार का दामन छोड़ कर बीजेपी का साथ देने का फैसला कर लिया है जिसके बाद से सरकार पर खतरा मंडरा रहा है । गुरुवार को राज्य विधानसभा में कुमारस्वामी सरकार के विश्वाममत पर चर्चा होगी जिसके बाद तस्वीर साफ हो जाएगी ।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

fifteen − 9 =

Most Popular

To Top