चंडीगढ़ – पंजाब सरकार ने आज स्पष्ट किया कि आदमपुर हवाई अड्डे के स्थान का नाम जालंधर हवाई अड्डा में बदलने का केवल एक प्रस्ताव है और हवाई अड्डे का फिर से नाम रखने का कोई इरादा नहीं है।एक सरकारी प्रवक्ता ने आज बताया कि मौजूदा विधानसभा के प्रस्ताव के अनुसार हवाई अड्डे का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर होगा और इस प्रस्ताव से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को हवाई अड्डे के स्थान का नाम जालंधर रखने को मंज़ूरी देने संबंधी की अपील को कुछ मीडिया रिपोर्टों में गलत ढंग से व्याख्या करने के बाद यह स्पष्टीकरण दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्धी अपील प्रवासियों भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय मुसाफिऱों की ऐसी मांग पर की थी क्योंकि इनमें से बहुत से जालंधर नाम से सम्बन्धित हैं जो आदमपुर के मुकाबले बड़ा और जाना -पहचाना शहर है।प्रवक्ता ने बताया कि आदमपुर पहले सिफऱ् वायु सेना की उड़ानों के लिए था परन्तु भारतीय वायु सेना द्वारा हाल ही में सिवलीयन फ्लाईटों के लिए इस हवाई अड्डे का प्रयोग करने की इजाज़त देने से इसको आदमपुर हवाई अड्डे के तौर पर संबोधित किया जाना लगा जिस कारणबहुत से प्रवासी भारतीय और पंजाब आने वाले मुसाफिऱ इससे अवगत नहीं हैं।