राज्य के बड़े शहरों के आसपास रिंग रोड बनाने की मज़ूरी जल्द देने की माँग
नई दिल्ली – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्री से राज्य के बड़े शहरों के आसपास रिंग रोड बनाने की मज़ूरी जल्दी देने की माँग की है। केंद्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एम.एस.एम.ई.) मंत्री नितिन गडकरी को मोहाली हाईटैक मेटल कलस्टर के लिए भारत सरकार की 3.72 करोड़ रुपए की तीसरी किश्त तुरंत जारी करने और होशियारपुर में लकड़ी की मीनाकारी के कलस्टर के लिए ‘सफुर्ती’ स्कीम अमल में लाने की माँग की।मुख्यमंत्री ने आज दोपहर यहाँ श्री गडकरी के साथ मुलाकात करके उनके मंत्रालय के अधीन राज्य के बकाया प्रोजैक्टों /मज़ूरियांं जल्द दिलाने के लिए दख़ल की माँग की। उन्होंने राज्य में एम.एस.एम.ई. की पुन:सुरजीती के लिए केंद्रीय मंत्री को पंजाब आने का न्योता दिया।श्री गडकरी ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह को भरोसा दिया कि उनके मंत्रालयों द्वारा पंजाब से सम्बन्धित बकाया मसलों पर विचार करके इसका जल्द हल निकाला जायेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्रालयों के एम.एस.एम.ई. के क्षेत्र में शुरु किए गए विभिन्न प्रयासों के अलावा सडक़ीय बुनियादी ढांचे के विकास प्रोजैक्टों के लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि मोहाली/चण्डीगढ़, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, संगरूर और बठिंडा के आसपास रिंग रोड का निर्माण करने के लिए अधिग्रहण की जाने वाली ज़मीन की 50 प्रतिशत कीमत राज्य सरकार द्वारा वहन किये जाने की सहमति पहले ही दी जा चुकी है। यह रिंग रोड केंद्रीय सडक़ परिवहन मंत्रालय के ‘भारतमाला ’ के दिशा-निर्देशों की राह पर बनाया जाना हैं। केंद्रीय मंत्रालय द्वारा इस नये प्रोजैक्ट को सिफऱ् तभी विचारा जायेगा, यदि राज्य सरकार ज़मीन अधिग्रहण करने के लिए 50 प्रतिशत कीमत वहन करने के लिए तैयार हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय ने बठिंडा के आसपास रिंग रोड बनाने की मंजूरी पहले ही दे दी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से रिंग रोडज़ के लिए तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति के लिए 636.45 लाख रुपए के फंडों की तुरंत मंजूरी माँगी जिससे इन सडक़ों के लिए ज़रूरी रूप-रेखा की जा सकें। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने श्री गडकरी को दिल्ली -अमृतसर -कटरा एक्सप्रैसवेय प्रोजैक्ट के लिए मंजूरी में तेज़ी लाने की अपील की जिसके लिए भारत सरकार द्वारा ‘भारतमाला ’ स्कीम के पहले पड़ाव के अंतर्गत 800 किलोमीटर एक्सप्रैस मार्गों के निर्माण की योजना स्वीकृत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने दु:ख के साथ कहा कि राज्य सरकार ने मंत्रालय को इस प्रोजैक्ट को शुरू करने के लिए कई बार अपील की परन्तु अभी तक मार्ग सम्बन्धी की सीध का काम शुरू नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री पर ज़ोर डालते हुये कहा कि पटियाला -सरहिन्द -मोरिंडा मार्ग को चतुर्थमार्गी की मंजूरी दी जाये और तुरंत राष्ट्रीय मार्ग ऐलाने जाने की ज़रूरत है। इस प्रोजैक्ट के लिए केंद्रीय मंत्रालय ‘ग्रीनफील्ड प्रोजैक्ट ’ के तौर पर विकसित करने का ज़ोर डाल रहा है जबकि राज्य सरकार इसको ‘ब्राऊनफील्ड प्रोजैक्ट ’ के तौर पर विकसित करने की इच्छुक है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंत्रालय को चालू वित्तीय वर्ष के दौरान बंगा -गढ़शंकर -आनन्दपुर साहिब -नैना देवी मार्ग को राष्ट्रीय मार्ग ऐलानने की अपील की। उन्होंने बताया कि तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार साहिब की तरफ से भी यह माँग उठाई गई थी क्योंकि यह मार्ग इस समय बहुत बुरी स्थिति में है। यहाँ यह बताने योग्य है कि श्री गडकरी ने इस मार्ग को अपग्रेड करने के लिए नींव पत्थर भी रखा था। मुख्यमंत्री ने राज्य के बकाया प्रोजेक्टों को जल्द मंजूरी देने की माँग की जिनमें पटियाला -पेहौवा -कुरूक्षेत्र -लडवा -यमुनानगर (30.30 किलोमीटर), प्रेमनगर -मोरिंडा -चमकौर साहिब -बेला -पनियाली रोड जो राष्ट्रीय मार्ग 344 ए के साथ जुड़ता है (31 किलोमीटर), खन्ना -मलेरकोटला -रायकोट -जगराओं रोड जो सिद्धवां गेट नज़दीक राष्ट्रीय मार्ग 703 के साथ जुड़ता है (120 किलोमीटर), नया शहर -राहों -माछीवाड़ा -समराला -खन्ना रोड (65 किलोमीटर), तरन तारन -गोइन्दवाल साहिब -कपूरथला रोड (50 किलोमीटर) और गुरदासपुर -मुकेरियाँ -तलवाड़ा -मुबारकपुर रोड (83 किलोमीटर) के प्रोजैक्ट शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से दिल्ली को जाने वाले अंतरराजीय व्यापारिक वाहनों के यातायात को मद्देनजऱ रखते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने केंद्रीय मंत्री को खरड़ -बनूड़ -तेपला सडक़ राष्ट्रीय मार्ग -205ए को चतुर्थमार्गी बनाने के लिए विनती की। इसके अलावा उन्होंने भवानीगढ़ में फ्लाईओवर के निर्माण की माँग भी की जिससे स्थानीय ट्रैफिक़ को पटियाला -बठिंडा चतुर्थमार्गी सडक़ से गुजऱते ट्रैफिक़ से अलग किया जाये। मुख्यमंत्री ने श्री नितिन गडकरी को गुरदासपुर -डेरा बाबा नानक -अमृतसर -खेमकरन -आरिफ के रोड के दो मार्गी प्रोजेक्टों के साथ-साथ भारतमाला के अन्य प्रोजेक्टों को भी राज्य के लोक निर्माण विभाग को तबदील करने की अपील की क्योंकि इस विभाग के पास मुख्य इंजीनियर के नेतृत्व में समर्थवान राष्ट्रीय मार्ग विंग और उपयुक्त और योग्य अमला मौजूद है। इस टीम ने सूबे में 620 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय मार्ग को चतुर्थमार्गी करने में सफलता के साथ काम किया जिससे 550 किलोमीटर मार्ग निर्धारित समय में पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी से अपील की कि राष्ट्रीय मार्गों पर अधूरे ढांचों या सडक़ी टुकड़ों को मुकम्मल करने और संभाल में कमियों को दूर करने के लिए राष्ट्रीय मार्ग अथॉरटी के सम्बन्धित अधिकारियों को ज़रूरी हिदायतें जारी की जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अधूरे ढांचे या सडक़ी टुकड़ों को मुकम्मल या कमियों को निर्धारित समय में दूर नहीं किया जाता तो यह सम्बन्धित मार्ग पर टोल वसूली को रद्द करने के लिए कार्यवाही शुरू करने के लिए उपयुक्त होगा। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सूबे में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के विकास के लिए नतीजामुखी विचार-विमर्श करने के लिए श्री नितिन गडकरी को पंजाब आने का न्योता दिया। उन्होंने सूबे में खेती आधारित इस उद्योग को प्रोत्साहन देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिससे अपने किसानों को आर्थिक पक्ष से मज़बूत किया जा सके जो इस समय पर गंभीर आर्थिक संकट में से गुजऱ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के सूक्ष्म और लघु उद्योग कलस्स्टर विकास प्रोग्राम के अंतर्गत कॉमन फैसिलटी केन्द्रों की स्थापना की कीमत में हुए वृद्धि के मद्देनजऱ हरेक फैसिलटी सैंटर के लिए 20 करोड़ रुपए की राशि बढ़ाई जानी चाहिए और इसके अलावा राज्य सरकार का 10 प्रतिशत हिस्सा जो लाजि़मी है, के लिए ज़ोर न डाला जाये। इस प्रोग्राम के ही औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकास स्कीम के अंतर्गत एक जिले में से एक फोकल प्वाइंट के लिए ज़ोर न डाला जाये बल्कि सूबे को असली ज़रूरतों के आधार पर प्रोजेक्टों की बात करने की छुट हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में मौजूदा जि़ला औद्योगिक केन्द्रों की इमारत को मज़बूत बनाने और अपग्रेड करने और बाकी रहते 10 जिलों में भी इन केन्द्रों के निर्माण के लिए 2-2करोड़ रुपए का अनुदान भी दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने माँग की कि ज़ेड.ई.जेड दर्जो के इकाइयों को खरीद में लाभ दिया जाये और प्रदूषण कंट्रोल बोर्डों द्वारा पालना करने के निरीक्षण से छूट दी जाये। मुख्यमंत्री ने ‘हब और सपोक’ स्कीम के अंतर्गत प्रौद्यौगिकी केन्द्रों और सब-केन्द्रों की स्थापना और ‘ज़ीरो इफेक्ट ज़ीरो डिफैक्ट ’ स्कीम समेत अन्य कई सम्बन्धित मसलों पर भी बात की। मुख्यमंत्री के साथ सूबे के लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला, सांसद परनीत कौर, मनीष तिवाड़ी और गुरजीत सिंह औजला, उनके मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, उनके प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और सचिव लोक निर्माण विभाग हुस्न लाल उपस्थित थे।