पंजाब

स्मार्ट राशन कार्डों के लाभपात्रियों तक पहुँच बढ़ाने के लिए पड़ताल को आसान बनाने के लिए की सिफारिश

पारदशर्ता लाने के लिए डी.सीज़. और एस.डी.एमज़ द्वारा लाभपात्रियों की अचानक पड़ताल करने का दिया सुझाव

चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री पंजाब द्वारा सलाहकार समूहों के गठन के बाद सरकार की खाद्य सुरक्षा सम्बन्धी प्रमुख स्कीमों को गतिशीलता प्रदान करने के लिए स्मार्ट राशन कार्ड ग्रुप की पहली मीटिंग की गई। खाद्य और सिविल सप्लाई मंत्री पंजाब, श्री भारत भूषण आशु के नेतृत्व में अनाज भवन, चंडीगढ़ में हुई। खाद्य सुरक्षा स्कीमों का जायज़ा लेते हुए ग्रुप ने चल रही स्कीमों को सुचारू बनाने के लिए कुछ सुधार सुझाएं हैं जिससे खाद्य वितरण प्रणाली को सभ्य बनाया जा सके और इस प्रक्रिया में और पारदर्शिता लाई जा सके।यह समूह, जिसमें ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री, श्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, सामाजिक सुरक्षा मंत्री, श्रीमती अरुणा चौधरी, 7 विधायक, सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण विभाग, सामाजिक सुरक्षा विभाग और वित्त विभाग के उच्च अधिकारी, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव, श्री गुरकिरत कृपाल सिंह और विशेष तौर पर बुलाए गए मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव कैप्टन सन्दीप संधू शामिल थे, ने स्मार्ट राशन कार्ड लाभपात्रियों की पड़ताल सम्बन्धी प्रक्रिया में तेज़ी लाने के लिए सुझाव दिए।
यह देखा गया है कि लाभपात्रियों की पड़ताल में अनावश्यक देरी इस कारण होती है क्योंकि इससे सबंधित परफॉरमा पटवारी से डिप्टी कमिश्नर तक पास करवाना होता है। इस कारण यह सुझाव दिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, ब्लॉक विकास अधिकारी और जिला खाद्य सप्लाई कंट्रोलर या उसका प्रतिनिधि, शहरी क्षेत्रों में म्यूंसीपल कमेटियों के इंस्पेक्टर, कारजसाधक अफ़सर और सचिव/सुपरीटेंडेंट स्तर के अधिकारी और कंटोनमैंट के अधीन पड़ते क्षेत्रों में सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर का प्रतिनिधि लाभपात्रियों के फार्मों की पड़ताल कर सकता है। समूह ने सुझाव दिया कि लाभपात्रियों की शिनाख़्त /पड़ताल में ऐसी सरलता आने से यह खाद्य सुरक्षा स्कीम अधिक-से-अधिक लाभपात्रियों की पहुँच में आ सकेगी।इसके साथ ही यह प्रस्ताव भी रखा गया कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए 10 प्रतिशत लाभपात्रियों की सब डिविजऩल मैजिस्ट्रेट और 5 फ़ीसदी की डिप्टी कमीश्नरों द्वारा नियमित तौर पर अचानक चैकिंग की जायेगी।इस खाद्य सुरक्षा समूह ने और डिपो खोलने के लिए सुझाव दिया जिससे लाभपात्रियों को छूट वाले खाद्य पदार्थ लेने सम्बन्धी बहुत दूर सफऱ न करना पड़े। गाँव स्तर पर मौजूदा लाभपात्रियों के विवरणों की पुन: पड़ताल का सुझाव भी रखा गया।स्कीम को अधिक-से-अधिक ज़रूरतमंदों तक पहुँचाने के मद्देजऱ ग्रुप द्वारा युवा होस्टलों, वृद्ध और अनाथ आश्रमों को भी सब्सिडाईजड़ राशन स्कीम के अधीन लाने के लिए सहमति अभिव्यक्त की गई।ग्रुप के सदस्यों द्वारा आगामी खाद्य वितरण प्रक्रिया के दौरान स्मार्ट राशन कार्ड धारकों को छूट पर दालें बाँटने सम्बन्धी 100 प्रतिशत सहमति अभिव्यक्त की गई।इस अवसर पर बोलते हुए श्री आशु ने बताया कि मुख्यमंत्री, पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा इन प्रमुख सरकारी स्कीमों का जायज़ा लेने और संशोधन करने सम्बन्धी 8 सलाहकार समूहों का गठन किया गया है। इस ग्रुप द्वारा चल रहे प्रोग्रामों/स्कीमों की कार्यकुशलता का जायज़ा लेना, आंकना और अन्य सुधारों के लिए सुझाव देना ज़रूरी है। यह ग्रुप नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के साथ स्कीमों/ प्रोग्रामों के प्रसार को सुधारने के लिए मौजूदा दिशा-निर्देशों में सुधार भी सुझाए जा सकते हैं। इसके साथ ही इन स्कीमों को अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए नये तौर तरीके भी सुझाए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा – स्मार्ट राशन कार्ड ग्रुप ने यही किया है और मंत्रीमंडल द्वारा विचारे जाने के लिए यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष पेश की जायेगी।

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