पंजाब

अरुणा चौधरी द्वारा जि़ला प्रोग्राम अधिकारियों को बच्चों और महिलाओं की स्कीमों को प्रभावशाली तरीके से लागू करने के आदेश

वन स्टॉप सैंटर और वर्किंग वुमैन होस्टल को स्थापित करने में तेज़ी लाने के लिए कहा

चंडीगढ़ – सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने आज विभाग के उच्च अधिकारियों को साथ लेकर राज्य के समूह जि़ला प्रोग्राम अधिकारियों के साथ मीटिंग करके बच्चों और महिलाओं के लिए चलाईं जाती कल्याण स्कीमों की समीक्षा करके इनको प्रभावशाली तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
यहाँ सैक्टर-9 स्थित पंजाब सिविल सचिवालय-2 में कमेटी रूम में चली मैराथन मीटिंग में श्रीमती चौधरी ने हर स्कीम की समीक्षा की और फ़ैसला किया कि वह खुद दो महीनों के बाद इसी तरह जि़ला प्रोग्राम अधिकारियों के साथ मीटिंग करके सभी स्कीमों की प्रगति का जायज़ा लिया करेंगे जबकि विभाग के उच्च अधिकारी हर महीने मीटिंग किया करेंगे। मीटिंग की शुरुआत में प्रमुख सचिव श्रीमती राजी पी.श्रीवास्तवा ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत किया जबकि डायरैक्टर श्रीमती गुरप्रीत सपरा ने मीटिंग की कार्यवाही चलाई।सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा में कोई ढील न बरती जाये क्योंकि यह सबसे संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि दोनों वर्गों के साथ किसी भी तरह के शोषण या अपराध के बाद पीडि़त के लिए बनाए गए ‘वन स्टॉप सैंटर’ की कार्यशैली को प्रभावशाली बनाया जाये। उनको बताया गया कि अभी पाँच जिलों में इन सैंटरों के कार्य निर्माणाधीन है जिस कारण इनको अस्थाई तौर पर अस्पतालों में चलाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि पीडि़त की शिनाख़्त गुप्त रखी जाये और उनकी हर संभव कानूनी और मैडीकल मदद करनी यकीनी बनाई जाये। इसी तरह उन बड़े शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जाने वाले ‘वर्किंग वुमैन होस्टल’ की स्कीम का जायज़ा लिया। पटियाला, जालंधर, अमृतसर और लुधियाना में इन होस्टलों के लिए ज़मीन की शिनाख़्त कर ली गई है जबकि मोहाली में अभी करनी है। मंत्री ने इस कार्य को जल्द पूरा करने की हिदायतें दी जबकि बाकी रहते और बड़े शहरों को भी इस स्कीम के अधीन लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह एक बड़ा कदम होगा।आंगनवाड़ी केन्द्रों में बुनियादी सुविधाओं में कमियों की समीक्षा करते हुए श्रीमती चौधरी ने इनको तुरंत दूर करने के लिए कहा। उन्होंने जि़ले वार केन्द्रों में खाली पड़ी हैल्परों और वर्करों के पदों की संख्या पूछी और इनको जि़ला स्तर पर तत्काल भरने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के साथ पूरा तालमेल स्थापित करके प्री-प्राईमरी क्लासों को सफलता द्वारा चलाया जाये। उन्होंने कहा कि जो आंगनवाड़ी केंद्र स्कूलों से दूर हैं, उनमें अध्यापक खुद आ कर बच्चों को पढ़ाया करेंगे। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए ज़रुरी राशन और उनके डाइट-शड्यूल संबंधी चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि बच्चों की खुराक के साथ किसी भी तरह का समझौता न किया जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा पौष्टिक खुराक से वंचित न रहे।श्रीमती चौधरी ने पोषण अभियान और प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के नतीजों पर संतोष अभिव्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को 2022 तक छह साल तक की उम्र के बच्चों में स्टटिंग की दर 38.4 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत तक करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कहा। उन्होंने सभी जि़ला अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण अभियान के अधीन भारत सरकार द्वारा दिए जाते सालाना अवॉर्डों के लिए सभी जिले अपना केस तैयार करके तुरंत भेजें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना राज्य के समूह 22 जिलों में 1 जुलाई, 2017 से चलाई जा रही है जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं के स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार लाने के लिए तीन किश्तों में कुल 5000 रुपए दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में महिलाओं को 75.98 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए इस स्कीम के लिए 33.14 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है और अब तक 1,98,659 लाभपात्रियों को स्कीम के पोर्टल पर एनरोल किया जा चुका है।श्रीमती चौधरी ने समूह जि़ला अधिकारियों को कहा कि निर्भया स्कीम के अंतर्गत फंड हासिल करने के लिए हर जि़ला प्रभावशाली योजना बनाएं जिसको भारत सरकार के पास भेजा जाये। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को प्रैक्टिकल तरीके से जमीनी स्तर पर कामयाब करने के लिए अलग कदम शुरू करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लड़कियों को सवै-रक्षा का प्रशिक्षण दिया जाये। इसी तरह श्री गुरु नानक देव जी के 550वें गुरपर्व के मौके पर गुरू जी से सम्बन्धित गाँवों में लगाए जाने वाले 550 पौधों में से कुछ पौधे नवजात लड़कियों के परिवारों के हाथों द्वारा लगाए जाएँ।मीटिंग में विभाग के ज्वाइंट डायरैक्टर श्री चरनजीत सिंह मान, डिप्टी डायरैक्टर गुरजिन्दर सिंह मोड़, रुपिन्दर कौर और अमरजीत सिंह, समूह जि़ला प्रोग्राम अधिकारी उपस्थित थे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

17 − nine =

Most Popular

To Top