पंजाब

जीत की ख़ुशी में हाथ पे हाथ रख कर नहीं बैठ सकते -कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा सभी स्कीमों को लागू करने के लिए 6 महीनों की समय सीमा निर्धारित

कार्यों की प्रगति का जायज़ा लेने पर ज़रूरत अनुसार बदलाव करने का सुझाव देने के लिए मंत्रीमंडल द्वारा परामर्श कमेटी का गठन
चंडीगढ़ – अगले 6 महीनों के दौरान अपनी सरकार के अहम प्रोग्रामों को लागू करने की समय सीमा निर्धारित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अपने कैबिनेट साथियों को विभिन्न स्कीमें लागू करने के सम्बन्ध में तेज़ी लाने के निर्देश देने के साथ साथ कार्यों की प्रगति का जायज़ा लेने और ज़रूरत के अनुसार बदलाव करने के लिए एक सलाहकारी ग्रुप गठित करने के लिए हुक्म दिए हैं। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने आज कैबिनेट मीटिंग की शुरुआत के समय ही उस समय दिए जब उनके कैबिनेट साथियों ने हाल ही के लोकसभा चुनाव के दौरान राज्य में कांग्रेस की शानदार जीत के लिए उनको तह दिल से बधाई दी। नरेन्द्र मोदी की लहर के बावजूद राष्ट्रीय रुझान को पलटाते हुए राज्य में कांग्रेस की जीत पर संतोष प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक मात्र राज्य है जहाँ कांग्रेस की भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों के साथ सीधी टक्कर थी जबकि दूसरे राज्यों में पार्टी का गठजोड़ था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने साथियों को सावधान करते हुए कहा कि यह हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने का समय नहीं है और राज्य में 2022 के विधान सभा चुनाव की तैयारी और लोगों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए अभी से कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत है। ऋण राहत, घर -घर रोजग़ार, स्वास्थ्य बीमा आदि महत्वपूर्ण स्कीमें अपनी सरकार द्वारा लागू करने में किसी भी तरह की देरी न सहन करने की बात स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दो -तीन मंत्रियों और पाँच-छ: विधायकों पर आधारित सलाहकारी ग्रुप का तुरंत ही गठन किया जाना चाहिए। सबंधित विभागों के सचिवों को ग्रुप में शामिल किया जायेगा। यह ग्रुप कार्यों की प्रगति का जायज़ा लेगा और लाभार्थीयों की सूचना के आधार पर ज़रूरत अनुसार सुझाव देगा। जुलाई के आधे तक स्कीमों में किसी भी तबदीली को नोटीफाई करवाए जाने पर ज़ोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कीमों को प्रभावी ढंग से यकीनी बनाने के लिए वहीं उचित बदलाव किए जाएँ जहाँ इनकी ज़रूरत है। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सरकारी मुलाजिमों के साथ पहल के आधार पर बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं जिससे उनकी लम्बित पड़ी माँगों को हल किया जा सके और उनकी चिंताओं को दूर किया जा सके। इससे पहले तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने एससी/एसटी सहित विभिन्न वर्गों के लम्बित पड़े मुद्दों के हल के लिए ज़रूरी कदम उठाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। चन्नी ने कहा कि कांग्रेस में लोगों का भरोसा पैदा करने के लिए यह ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत से स्पष्ट है कि सरकार की नीतियाँ और प्रोग्रामों में लोगों का पूरा विश्वास है और ग्रामीण इलाकों में पार्टी को मिला समर्थन कृषि ऋणों की माफी की सफलता का संकेत है। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने विकास प्रोग्रामों के द्वारा शहरी वोटरों में भरोसा बहाल करने की कोशिशों पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा उन्होंने शहरों की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया। मंत्रीमंडल ने पंजाब ग्रामीण विकास मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा, वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल आधारित एक कमेटी का गठन किया है जो लोगों को पेश प्रशासकीय मुश्किलों में से बाहर निकालने के लिए विकास ब्लॉकों को तर्क संगत बनाएगी।

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