नशों की समस्या से निपटने और ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिकों को और बढिय़ा ढंग से चलाने के लिए वित्तीय मदद मांगी
चंडीगढ़ – नशों की समस्या की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय ड्रग पॉलिसी के लिए अपनी माँग को दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपील की कि वह गृह, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालयों को इस महत्वपूर्ण मसले को और अधिक गंभीरता से सुलझाने की सलाह दे।एक पत्र में मुख्यमंत्री ने देश में नशों की समस्या के ख़ात्मे के लिए तीन चरणीय रणनीति -कार्यवाही, नशा मुक्ति और रोकथाम (ई.डी.पी.) के लिए राष्ट्रीय नीति तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री के निजी दख़ल की माँग की जिससे सभी राज्य इस समस्या के प्रति पूर्ण तौर पर नहीं तो कम-से-कम मिलती-जुलती पहुँच और रणनीति अपना सकें क्योंकि इस समस्या ने हमारे लोगों ख़ासकर नौजवानों के स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचाया है।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बड़े राष्ट्रीय हित में न सिफऱ् यह नीति तैयार करने बल्कि इसको अमल में लाने के लिए प्रभावी विधि विधान लागू करने के लिए भारत सरकार के सम्बन्धित अधिकारियों के साथ उनके राज्य की तरफ से सहयोग करने की इच्छा ज़ाहिर की।पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लम्बी सरहद होने और हमारे मुल्क की सुरक्षा के लिहाज़ से रणनीतिक अहमीयत का हवाला देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने नार्को आतंकवाद से पैदा हुई सुरक्षा चिंताओं का जि़क्र किया जो पंजाब के संदर्भ में और ज्यादा चिंताजनक है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि नशे का प्रयोग नि:संदेह एक वैश्विक समस्या है जिसकी व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर बड़े स्तर पर सामाजिक-आर्थिक कीमत अदा करनी पड़ रही है। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘पिछले दो दशकों में नशों की नाजायज तस्करी का बोलबाला भारत में भी ख़तरनाक स्तर पर पहुँच चुका है। केंद्रीय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय द्वारा एम्ज़ के नेशनल ड्रग डिपैंडैंस ट्रीटमेंट सैंटर के सहयोग से फरवरी, 2019 को जारी की गई ताज़ा रिपोर्ट में जि़क्र किया गया है कि भारत में नशों की गहरी समस्या है और इससे निपटने के लिए बहु -चरणीय और साझी नीति की ज़रूरत है।नशों की समस्या की रोकथाम के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए लीक से एकतरफ़ हट के कदमों और राज्य के गाँवों और शहरों को नशा मुक्त करने के लिए इन कदमों का निचले स्तर पर विस्तार करने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को दिल खोलकर वित्तीय मदद देने की अपील की जिससे पंजाब में नशा छोडऩे वालों का इलाज करने के लिए स्थापित किये ओ.ओ.ए.टी. क्लीनकों की संख्या बढ़ाने और उनको मज़बूत बनाया जा सके जो इस समय राज्य के मामूली साधनों के साथ चलाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि हर स्तर पर तालमेल बिठाने के लिए तीन चरणीय-कार्यवाही, नशा मुक्ति और रोकथाम की रणनीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में ‘नशों की समस्या के विरुद्ध व्यापक कार्यवाही ’ (काडा) योजना लागू की जा रही है।जि़क्रयोग्य है कि एम्ज़, नई दिल्ली ने भी ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिकों की प्रशंसा करते हुए इसको एक अनूठा प्रयास बताया जहाँ नशा छोडऩे वालों का इलाज बहुत ध्यान और रहमदिली के साथ किया जाता है। पंजाब सरकार की तरफ से नशों की समस्या की रोकथाम के मद्देनजऱ दो नवीनताकारी प्रोग्राम नशा रोकू अफ़सर (डैपो) और बड्डी प्रोग्राम चलाए गए हैं।