पंजाब

एस.आई.टी. की चार्जशीट में नाम आने पर बादलों के चेहरे से पंथक मुखौटा उतरा- सुखजिन्दर सिंह रंधावा

‘सुखबीर सिंह बादल संसद सदस्यता और पार्टी अध्यक्षता दोनों पदों से इस्तीफ़ा दे’
चंडीगढ़ – बेअदबी मामलों की जांच कर रही एस.आई.टी. द्वारा दायर की गई चार्जशीट में अकाली दल के प्रधान और समकालीन उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का नाम आने पर प्रतिक्रिया देते हुये सीनियर कांग्रेसी नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री स. सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने कहा कि बादलों के चेहरे से पंथक मुखौटा उतर गया है और अब बादल परिवार को राजनीति छोड़ कर घर बैठ जाना चाहिए।आज यहां जारी प्रैस बयान में स. रंधावा ने कहा कि बेअदबी की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर जि़म्मेदार सुखबीर सिंह बादल को संसद सदस्यता और पार्टी की अध्यक्षता दोनों पदों से इस्तीफ़ा देना चाहिए क्योंकि अब एस.आई.टी. की चार्जशीट ने भी यह सिद्ध कर दिया है। उन्होंने कहा कि एस.आई.टी. और जस्टिस रणजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट के खुलासों के बाद कोई भी सच्चा सिख बादलों के साथ जुडऩा पसंद नहीं करता क्योंकि अपने राजसी हितों के लिए बादलों ने धर्म और सिख कौम को इस्तेमाल किया है।स. रंधावा ने कहा कि बादलों ने डेरा सिरसा के साथ मिलकर सिख कौम और पंथ की पीठ में छुरा घोंपा है और पूरी सिख कौम बादलों के किये इस गुनाह के लिए कभी भी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बादल परिवार की तरफ से पंथ के साथ की गद्दारी अब जग ज़ाहिर हो गई और बादल परिवार को राजनीति करने का कोई नैतिक हक नहीं रहा।सीनियर कांग्रेसी नेता ने कहा कि बादल परिवार को यह कहते हुये शर्म आनी चाहिए कि बेअदबी कोई मुद्दा नहीं रहा और बेअदबी का दाग़ होने धोया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सिख कौम और पंजाबी बादलों को कभी भी इन घृणित कामों के लिए माफ नहीं करेंगे। यह बादलों के किये हुए पाप ही हैं कि विधानसभा में वह 14 सदस्यों और लोक सभा में 2 सदस्यों तक सिमट कर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल बादलों के कब्ज़े अधीन इतिहास के अपने सबसे बुरे दौर में से गुजऱ रहा है।

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