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ईरान की धमकी ‘अमेरिकी जंगी जहाजों को डूबो सकता है हमारा हथियार’

दुबई – ईरान से बचाव के लिए एहतियातन कदम पर चर्चा करने के क्रम में अमेरिका ने शुक्रवार को मिड्ल ईस्‍ट में 1500 सैनिकों की तैनाती की घोषणा की। ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के इस कदम को गलत बताते हुए कहा कि क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती करने वाला अमेरिकी कदम अंतरराष्‍ट्रीय शांति के लिए काफी खतरनाक होगा।ईरानी न्‍यूज एजेंसी मिजान ने ईरानी मिलिट्री अधिकारी का हवाला देते हुए कहा है- खाड़ी क्षेत्र में भेजे गए अमेरिकी जंगी जहाजों को मिसाइल व गोपनीय हथियारों से ईरान डूबा सकता है। शु्क्रवार को अमेरिका ने ईरान से बचाव का प्रयास बताते हुए मिड्ल ईस्‍ट में 1,500 सैनिकों के तैनाती की घोषणा की। ईरान के मिलिट्री कमांड के सलाहकार जनरल मोर्तजा कुर्बानी ने न्‍यूज एजेंसी को बताया, अमेरिका यहां दो जंगी जहाज भेज रहा है। यदि वे मूर्खतापूर्ण हरकत करते हैं तो हम अपने मिसाइलों या अन्‍य गोपनीय हथियारों की मदद से क्रू समेत इन जहाजों को समुद्र के तल में भेज देंगे।ईरान द्वारा हमले की धमकी को गंभीरता से लेते हुए ट्रंप प्रशासन की ओर से अमेरिका की यह ताजा कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अमेरिका ने मिड्ल ईस्‍ट में एयरक्राफ्ट कैरियर आदि को तैनात कर दिया है।इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। ईरान के किसी भी हमले से निपटने के लिए अमेरिका ने पश्चिम एशिया में पहले ही विमानवाहक पोत और बमवर्षक विमान तैनात कर दिए हैं।दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने का कारण है कि पिछले साल ट्रंप ने आठ मई को ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने का एलान किया था। इसके बाद उसके तेल निर्यात को रोकने के साथ ही उस पर कई प्रतिबंध लगा दिए। इससे दोनों देशों में तनातनी बढ़ गई।

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