चंडीगढ़ – पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरु की मुहिम के अंतर्गत अप्रैल महीने के दौरान कुल 10 छापे मारकर 12 सरकारी कर्मचारियों और 2 प्राईवेट व्यक्तियों को अलग अलग मामलों में रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों काबू किया जिनमें पुलिस विभाग के 4, राजस्व विभाग के 2 और अन्य अलग -अलग विभागों के 6 कर्मचारी शामिल हैं।इस सम्बन्धी चीफ़ डायरैक्टर -कम -ए.डी.जी.पी विजीलैंस ब्यूरो पंजाब बी.के. उपल ने कहा कि इस दौरान ब्यूरो ने सार्वजनिक सेवाओं और दूसरे क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए अपनी पूरी कोशिश की। इस दिशा में विजीलैंस के परीक्षक अधिकारियों ने राज्य की अलग-अलग अदालतों में चलते मुकदमों के दौरान दोषियों को न्यायिक सज़ाएं दिलाने के लिए पुख़ता पैरवी की।उन्होंने बताया कि पिछले महीने के दौरान ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार सम्बन्धी मामलों के 13 चालान अलग-अलग विशेष अदालतों में पेश किये गए। इसी महीने भ्रष्टाचार के एक मामले में और गहराई से जांच करने के लिए एक विजीलैंस पड़ताल भी दर्ज की गई।अन्य जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि विजीलैंस द्वारा दर्ज किये मामलों की सुनवाई के दौरान पिछले महीने दो अलग-अलग विशेष अदालतों ने दो सराकरी कर्मचारियों को सज़ाएं और जुर्माने किये हैं जिनमें नगर सुधार ट्रस्ट रूपनगर के जूनियर सहायक प्रमोद सिंह को एस.ए.एस नगर की अदालत द्वारा 4 साल की कैद और 10,000 रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है। दूसरे केस में पंजाब अनुसूचित जातियों, भूमि विकास और वित्त निगम बरनाला के जि़ला मैनेजर राम लुभाया को बरनाला की अदालत द्वारा 2 साल की कैद और 10,000 रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है।