चक्रवात तूफान फोनी एक भीषण तूफान में तब्दील, ओडिशा के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है तूफान फोनी, सरकार ने दी समुद्री इलाकों से मछुआरों को दूर रहने की सलाह, स्थिति का लिया जायजा, भारतीय नौसेना और वायुसेना लोगों की मदद के लिए तैयार।चक्रवात फोनी कल शाम एक भीषण तूफान में बदल गया है। ओडिशा के तटीय इलाकों की ओर तूफान फोनी बढ़ रहा है। इसके आज और भयंकर रूप लेने की आशंका है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार दोपहर तक इसके और अधिक तीव्र होने की संभावना जताई है। पिछले छह घंटों के दौरान ये तूफान पांच किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा में बढ़ रहा है। ये अभी चेन्नई के पूर्व-दक्षिण पूर्व दिशा में 810 किलोमीटर और मछलीपट्टम तट से 950 किलोमीटर दूर केन्द्रित है। मौसम विभाग के अनुसार तीन मई से पश्चिम बंगाल से तटीय जिलों के अनेक स्थानों में हल्की से सामान्य तथा कुछ स्थानों में भारी वर्षा हो सकती है। सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और भारतीय तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर रखा है।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ की वजह से उत्पन्न होने वाले स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के निर्देशों के मुताबिक और चक्रवात तूफान फोनी से निपटने के लिए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए 1086 करोड़ रुपये का SDRF Fund एडवांस में Release किया गया है।
भारतीय नौसेना मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्वीट पर भारतीय नौसेना ने कहा कि उनके जहाज विशाखापत्तनम और चेन्नई के प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता, राहत, निकासी, चिकित्सा सहायता समेत रसद प्रदान करने के लिए तैयार हैं। इन जहाजों को अतिरिक्त गोताखोरों, डॉक्टरों, रबड़ की नावों और राहत सामग्री के साथ तैयार किया गया है जिसमें पर्याप्त मात्रा में भोजन, टेंट, कपड़े, दवाएं, कंबल आदि मौजूद हैं।नौसेना विमान भी तमिलनाडु के अरककोनम नौसेना एयर स्टेशन में आईएनएस राजाली में और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आईएनएस देवगा में खड़े हैं, जो कि फंसे हुए लोगों को राहत सामग्री प्रदान करने के साथ-साथ राहत, बचाव, निकासी और एयर ड्रॉप करेंगे।