जीवन शैली

हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचा सकता है ऑलिव ऑइल

हार्ट अटैक का खतरा कम करने वाली जिस चीज की हम बात कर रहे हैं वह है- ऑलिव ऑइल। इन दिनों देश ही नहीं दुनियाभर में डायबीटीज के बाद अगर कोई बीमारी सबसे तेजी से फैल रही है तो वह है हार्ट अटैक और इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारा खानपान का गलत तरीका। लिहाजा अपना तेल बदलकर आप दिल के दौरे के खतरे को कम कर सकते हैं।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों जो कुछ साल पहले तक उम्र से जुड़ी बीमारियां मानी जाती थीं वह अब 35 और 40 साल के मिडिल एज लोगों में भी तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए हमारी गलत लाइफस्टाइल, खानपान का गलत तरीका और इनऐक्टिव लाइफस्टाइल जिम्मेदार है। ऐसे में अगर आप भी सोच रहे हैं कि कहीं आप भी हार्ट अटैक की चपेट में न आ जाएं तो आज ही एक चीज को अपनी डायट में शामिल कर लें और दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कई गुना कम कर सकते हैं।

हाल ही में हुई एक स्टडी की मानें तो हमारे खून में एक तरह का प्रोटीन होता है जो ऑलिव ऑइल जैसी अनसैच्युरेटेड फैट वाली चीजें खाते ही बढ़ने लगता है और यह साबित हो चुका है कि ऑलिव ऑइल का नियमित रूप से सेवन करने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है।

हमारे खून में एक तरह का प्लाज्मा होता है जिसे अपोलिपोप्रोटीन ApoA-IV कहते हैं और जब हम ऑलिव ऑइल का सेवन करते हैं तो उसमें मौजूद अनसैच्युरेटेज फैट ApoA-IV के लेवल को बढ़ाता है जिसकी वजह से हृदय से जुड़ी सभी तरह की बीमारियों का खतरा कई गुना कम हो जाता है। जब आप ऑलिव ऑइल में पका खाना खाते हैं तो खून में मौजूद प्लेटलेट्स उत्तेजित हो जाती हैं और वे सफेद रक्त कोशिकाओं के साथ मिलने जुलने लगती हैं। इस मेल जोल से प्लेटलेट्स की हाइपरऐक्टिविटी कम होती है और इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी कम हो जाता है।

सेंट माइकल्स हॉस्पिटल कीनन रिसर्च सेंटर फॉर बायोमेडिकल साइंस में की गई इस स्टडी के नतीजे इस बात का सबूत है कि हमें अपने शरीर के बॉडी क्लॉक को समझकर शरीर को सही तरीके से आराम देने की जरूरत है। साथ ही साथ शरीर को पोषक तत्वों से भरपूर भोजन की भी जरूरत ताकि हमारा शरीर बीमारियों से बचा रहे और हम बने रहें फिट और हेल्दी। हालांकि ऑलिव ऑइल या इसमें पके खाने का सेवन करने के बाद सोना बेहद जरूरी है क्योंकि स्टडीज में यह बात साबित हो चुकी है कि ApoA-IV रात के वक्त जब हम सो रहे होते हैं उस वक्त सबसे ज्यादा ऐक्टिव रहता है और दिल से जुड़ी बीमारियों को हर तरह से कंट्रोल करने में मदद करता है लेकिन सुबह के वक्त जब हम जाग रहे होते हैं उस वक्त ApoA-IV प्रोटीन का लेवल सबसे कम रहता है।


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